• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    November 21, 2025

    फायरिंग केस में दोषी करार, आरोपी को कठोर कारावास; अदालत ने जताई कड़ी नाराजगी

    अलवर की एडीजे कोर्ट नंबर-2 ने पुलिस टीम पर फायरिंग करने के 11 साल पुराने मामले में गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने तीन आरोपियों—बिजेंद्र उर्फ बिज्जू, जसवीर उर्फ वीरी और चरण सिंह उर्फ चुन्नु—को 7-7 साल की कैद और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी।

    कोर्ट ने विशेष टिप्पणी में कहा कि “जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो ऐसे अपराधियों को बाहर रहने का कोई अधिकार नहीं है।”

    घटना 5 जून 2014 की, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी पुलिस

    सरकारी वकील महेश मीणा के अनुसार, 5 जून 2014 को एससी/एसटी सेल में पदस्थापित उप अधीक्षक मोहम्मद अय्यूब गोकशी कोबरा टीम के साथ रामगढ़ क्षेत्र में वाहन चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिए गश्त पर थे।

    इसी दौरान रामगढ़ की ओर से एक बाइक पर तीन युवक आते दिखाई दिए, जिनकी बाइक पर सामान भी रखा हुआ था। पुलिस को देखकर वे वापस मुड़कर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा किया।

    पीछा करने पर आरोपियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, कॉन्स्टेबल घायल

    पीछा करते समय आरोपियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पुलिस वाहन के शीशे को तोड़ती हुई अंदर घुसी और पीछे बैठे कॉन्स्टेबल सुभाष को लगी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
    भागते हुए आरोपी बाइक को कच्चे रास्ते पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने हुलिया नोट कर तलाश शुरू की और बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले का चालान रामगढ़ थाने में दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया।

    कोर्ट का फैसला

    गुरुवार को एडीजे कोर्ट नंबर-2 ने पुलिस पर हमला और जानलेवा फायरिंग के आरोप में तीनों को दोषी मानते हुए 7-7 साल की सजा और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।

    Tags :
    Share :

    Top Stories