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    December 05, 2025

    कलेक्टर ने नाराजगी जताने के बाद भी हालात नहीं बदले, जिम्मेदार विभाग पर फिर उंगली उठी

    अलवर जिला अस्पताल में गुरुवार को हुए जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला के निरीक्षण के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। कलेक्टर ने दवा वितरण विंडो (DDC) और 100 बेड वाले नए वार्ड के बाहर खुले में पड़े कंस्ट्रक्शन मटेरियल को देखकर नाराजगी जताई थी। मौके पर नगर निगम की ईओ निशा लखानी को बुलाकर सफाई के निर्देश दिए गए थे और RSRDC पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    इसके बावजूद अस्पताल परिसर में निर्माण सामग्री अभी भी खुले में ही पड़ी है। केवल कुछ हिस्सों को ग्रीन पर्दों से ढका गया है, जबकि बाकी मटेरियल बिना ढंके ही पड़ा हुआ है, जो GRAP नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। दवा विंडो और ओपीडी क्षेत्र के पास भी मलबा फैला हुआ है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।

    अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि मटेरियल हटाने के लिए अस्पताल प्रशासन कई बार यूआईटी को पत्र भेज चुका है, क्योंकि यह कंस्ट्रक्शन यूआईटी का चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खुले में पड़ा मलबा स्पष्ट रूप से GRAP नियमों का उल्लंघन है।

    नगर निगम की ईओ निशा लखानी ने पुष्टि की कि कलेक्टर के निर्देश पर RSRDC पर 12 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई है, क्योंकि नए 100 बेड वार्ड के बाहर मटेरियल बिना ढके पड़ा हुआ था।

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