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    November 19, 2025

    राजस्थान में कार रेंट का अवैध नेटवर्क बेखौफ, नाबालिगों को बिना लाइसेंस थमा रहे चाबी

    राजस्थान में बिना लाइसेंस के नाबालिगों को कार किराए पर देने का अवैध कारोबार तेजी से पनप रहा है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अलवर और अन्य बड़े जिलों में कई कार रेंटल सर्विसेज बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल रही हैं। जहां रजिस्ट्रेशन है भी, वहां भी RTO के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
    रेंटल ऑपरेटर नाबालिगों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही कार की चाबी थमा देते हैं, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि कई नाबालिग हाईवे और शहर की सड़कों पर थार, स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर जैसी भारी गाड़ियां लेकर स्टंट करते नजर आते हैं। इनमें से कई रेंटल सर्विसेज ने इंस्टाग्राम पर पेज बनाकर स्टंट वीडियो अपलोड कर रखे हैं, जिन पर संपर्क नंबर भी दिया होता है। इससे कम उम्र के बच्चे आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं।

    एक घंटे से लेकर पूरे सप्ताह तक कार किराए पर, वह भी बिना दस्तावेज

    भास्कर टीम की पड़ताल में सामने आया कि 6 से 24 घंटे और उससे भी ज्यादा अवधि के लिए कारें आसानी से किराए पर मिल जाती हैं। कई रेंटल ऑपरेटर

    • एक घंटे के 1000 रुपये से ज्यादा,
    • 12 घंटे के 5–10 हजार रुपये,
    • डेंट-खरोंच के नाम पर अलग से चार्ज
      वसूलते हैं।

    इनमें से कई अपनी पर्सनल कारें भी किराए पर चलाते हैं, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।

    अलवर में 15 से ज्यादा ठिकाने, बोगस ग्राहक बनकर की गई बातचीत में खुला बड़ा खेल

    अलवर शहर के टेल्को चौराहा, रामगढ़ रोड, मालवीय नगर, जेल चौराहा सहित 15 से ज्यादा जगहों पर यह धंधा चल रहा है। भास्कर टीम ने बोगस ग्राहक बनकर एक रेंटल ऑपरेटर से बातचीत की, जिसमें नाबालिग होने के बावजूद कार देने पर सहमति जताई गई।

    फोन पर हुई बातचीत का हिस्सा:

    • नाबालिग ग्राहक: हेलो अंकल कार किराए पर चाहिए।
    • रेंटल मालिक: कितने घंटे चाहिए?
    • नाबालिग: 7–8 घंटे।
    • मालिक: लाइसेंस है?
    • नाबालिग: 11वीं–12वीं में पढ़ते हैं, डीएल नहीं है।
    • मालिक: बिना डीएल के ले जाओ… पर पुलिस पकड़े तो जिम्मेदारी आपकी।
    • नाबालिग: ठीक है।
    • मालिक: कार लेने टेल्को चौराहे आ जाओ। पूरा पेमेंट पहले होगा।

    यह बातचीत साबित करती है कि बिना किसी औपचारिक दस्तावेज के नाबालिगों को कार आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है।

    स्टंट वीडियो से बच्चो को लुभा रहे रेंटल ऑपरेटर

    अलवर और जयपुर के कई इंस्टाग्राम पेजों पर थार के स्टंट, टोल नाके तोड़कर भागने, हूटर बजाकर शहर में घूमने जैसे वीडियो खुलेआम मौजूद हैं। इन्हें देखकर स्कूल-कॉलेज के छात्र प्रभाव में आते हैं और किराए पर कार लेते हैं।

    जयपुर में भी बिना लाइसेंस कार किराए पर देने का खेल जारी

    जयपुर में भी यही स्थिति है। कई कॉलेज छात्रों ने बताया कि

    • जन्मदिन,
    • घूमने,
    • फोटोशूट
      के लिए वे इंस्टाग्राम पेज से संपर्क कर रेंटल कार लेते हैं।

    यहां भी 1000–2000 रुपये अतिरिक्त देने पर बिना लाइसेंस कार दे दी जाती है।

    कुछ मामलों में रेंटल संचालक किसी रिश्तेदार या परिचित के लाइसेंस की फोटो लेकर कार जारी कर देते हैं। यह भी पूरी तरह अवैध है।

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