पुलिस ने 16 साल की बालिका से दुष्कर्म करने वाले तीन पुलिस कर्मियों काे निर्दाेष मानकर मामले में एफआर लगा दी, लेकिन काेर्ट ने पीड़िता की प्रोटेस्ट पिटीशन पर मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी 3 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए।
विशिष्ठ न्यायालय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम संख्या-एक अलवर के विशिष्ठ न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने शुक्रवार काे रैणी थाना क्षेत्र में दाे साल पहले 16 वर्षीय बालिका से रेप व प्रताड़ना के मामले में संज्ञान लिया और आरोपी तीन पुलिसकर्मियों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। पीड़िता की मां ने आरोपी एक कांस्टेबल पर रेप करने और दो पुलिस कर्मियों पर छेड़छाड़ व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
विशिष्ठ लोक अभियोजक ने बताया कि पीड़िता की मां ने 23 दिसंबर 2023 काे रैणी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पिछले दाे साल से उनकी बेटी के साथ रैणी थाने में कार्यरत सिपाही अविनाश मीणा, राजू व मानसिंह जाट सहित अन्य पुलिसकर्मी मिलकर परेशान कर रहे हैं।
आरोपी उसे व उसके परिवार काे प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोपी सिपाही अविनाश मीणा उर्फ सन्नी 8 नवंबर 2023 को उनके घर आया। उस समय परिवार के सभी लाेग खेत पर गए हुए थे। आरोपी ने बेटी काे अकेली पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में बेटी बाहर पढ़ने गई तो वहां भी आरोपी ने उसे डरा धमका कर दुष्कर्म किया।
इससे अलावा भी आरोपी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उनकी बेटी काे डरा धमकाकर कार में बैठाकर ले गए और दुष्कर्म किया। रिपोर्ट में लिखा कि आरोपी राजवेंद्र उर्फ राजू मीणा व मानसिंह जाट कई बार घर आए और मेरी बेटी की इज्जत लूटने का प्रयास किया। आरोपी अविनाश उनकी नाबालिग बेटी के साथ स्कूल समय से दुष्कर्म करता आ रहा है।
आरोपी नाबालिग बेटी से सोशल मीडिया पर अश्लील चैट करने के साथ अश्लील वीडियो भेजते थे। जब उसने व परिजनों ने आरोपियों के इस कृत्य किया तो विरोध आरोपियों ने उन्हें भी धमकाया। आरोपियों उनके बेटे काे आर्म्स एक्ट के मामले में झूठा फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। उन्हें व उनके परिवार काे उक्त पुलिस कर्मियों से जान माल का खतरा बना हुआ है। लेकिन, मामले में जांच अधिकारी ने एफआर लगा दी थी। इसके बाद पीड़िता के वकील राजेश गुप्ता ने काेर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर कर दी। कोर्ट ने पुलिस से आरोपियों की लोकेशन, मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग सहित अन्य जानकारी मांगी। कोर्ट काे सबूत मिलने पर तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ संज्ञान लेने के साथ उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
