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    October 31, 2025

    बाहुबली का जादू फिर सिर चढ़कर बोला, सिनेमाघरों में उमड़ी भीड़!

    भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो समय के साथ पुरानी नहीं होतीं, बल्कि और भी महान बन जाती हैं। एस.एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ ऐसी ही एक फिल्म है। अब एक दशक बाद यह महागाथा फिर से पर्दे पर लौट आई है— ‘बाहुबली: द एपिक’ के रूप में।
    यह 4 घंटे की री-एडिटेड कट फिल्म है, जिसमें ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ और ‘बाहुबली 2: द कंक्लूजन’ दोनों को एक साथ जोड़ा गया है।

    फिर से जीवंत हुआ महिष्मति का साम्राज्य

    राजामौली ने इस बार सिर्फ फिल्मों को जोड़ा नहीं, बल्कि उन्हें नया जीवन दिया है। दर्शक एक बार फिर अमरेंद्र बाहुबली और देवसेना की कहानी में डूब जाते हैं। प्रभास की एंट्री पर थिएटरों में सीटियां और तालियां गूंज उठती हैं, जबकि अनुष्का शेट्टी की शालीनता और शक्ति आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

    सोशल मीडिया पर फैंस का उत्साह

    फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों ने जमकर तारीफ की है।
    एक यूजर ने लिखा— “पहला हाफ खत्म हुआ, बाहुबली द एपिक! क्या जबरदस्त अनुभव रहा… दिमाग हिला देने वाला इंटरवल बैंगर!”
    वहीं दूसरे यूजर ने फोटो शेयर करते हुए लिखा— “फिल्म देखने के बाद रोंगटे खड़े हो गए।”

    संगीत बना आत्मा

    म्यूजिक डायरेक्टर एम.एम. कीरवाणी का बैकग्राउंड स्कोर इस फिल्म की आत्मा बन गया है। फैंस लगातार लिख रहे हैं कि “उनका संगीत, उनकी आवाज़ और हर बीजीएम फ्रेम-दर-फ्रेम रोमांचक अनुभव देता है।”
    एक दर्शक ने कहा— “राजामौली का सिनेमा सिर्फ देखा नहीं जाता, उसे जिया जाता है।”

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