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    September 14, 2025

    हिंदी की सादगी में है उसकी जान: हिंदी दिवस पर राजकुमार हिरानी का भावुक संदेश

    '3 इडियट्स', 'पीके' और 'मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस' जैसी फिल्में बनाने वाले फिल्ममेकर राजकुमार हिरानी ने हिंदी दिवस के मौके पर से खास बातचीत की। राजकुमार अपनी फिल्मों में हिंदी को सरल और असरदार रखने पर ध्यान देते हैं। उन्होंने बातचीत में हमारी राष्ट्रीय भाषा की ताकत, खूबसूरती और महत्व पर अपने विचार साझा किए। पढ़िए बातचीत के कुछ प्रमुख अंश-

    बतौर फिल्ममेकर, आपकी नजर में हिंदी की खासियत क्या है?
    हिंदी हमारी मातृभाषा है। बचपन से हमने इसी में बातें की, सुना और सोचा। इसलिए जब हम अपने देश में या विदेशों में लोगों से अपनी भाषा में बातें करते हैं, तो एक खास अपनापन महसूस होता है। सही मायनों में, हिंदी हर स्तर के इंसान तक आसानी से पहुंच सकती है। हां, बड़े शहरों में अंग्रेजी का प्रभाव बढ़ रहा है, लेकिन हिंदी की वह सादगी और भाव हमेशा दिल को छू जाती है।

    भाषा सिर्फ संवाद का जरिया है या हमारी सोच, संस्कृति और पहचान का भी हिस्सा है?
    बिल्कुल। भाषा सिर्फ बोलने-सुनने का माध्यम नहीं है। भाषा हमें हमारी कहानियों, लोकगीतों और इतिहास से जोड़ती है। जब हम किसी फिल्म या कहानी में सही हिंदी का प्रयोग करते हैं, तो ऑडियंस सीधे उस भाव से जुड़ते हैं। यही भाषा की असली ताकत है।

    यादगार पल जब किसी अभिनेता की हिंदी बोलने की शैली ने सेट पर सभी को हंसा दिया?
    '3 इडियट्स' में ओमी का अनुभव हमेशा याद रहता है। वह अमेरिका में जन्मा था और हिंदी बिल्कुल नहीं जानता था। जिस ढंग से वो हिंदी बोलता था सुनके हंसी आती थी। इसलिए हमने उसे फिल्म में शामिल किया। उसकी टीचर्स डे की स्पीच के बारे में सोचकर अब भी हंसी आती है। यह दिखाता है कि भाषा की ताकत केवल सही बोलने में नहीं, बल्कि भाव और इमोशन में भी होती है।

    हिंदी को बच्चों और युवाओं में कैसे रुचिकर रखा जा सकता है?
    यह आसान काम नहीं है, लेकिन माता-पिता को कोशिश करनी चाहिए कि घर पर बच्चों से हिंदी में ही बातचीत करें। बच्चों को हिंदी गीत सुनाएं, हिंदी की किताबें पढ़ाएं, कहानियां सुनाएं। बाहर बच्चे अंग्रेजी बोल सकते हैं, लेकिन घर का माहौल हिंदी का हो तो भाषा में रुचि और समझ दोनों बढ़ती है। इससे युवा हिंदी को केवल पढ़ने या लिखने तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि यह उनके सोचने और महसूस करने का हिस्सा बन जाएगी।

    हिंदी भाषा की सबसे बड़ी खूबसूरती क्या है?
    हिंदी की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि इसमें जैसा लिखा जाता है, वैसा ही पढ़ा और बोला जाता है। अक्षर और ध्वनि का संबंध सीधा और स्पष्ट है। किसी भी शब्द को आप जिस तरह पढ़ेंगे, उसी तरह उसे बोल पाएंगे। इसके विपरीत, अंग्रेजी में उच्चारण और लेखन में अंतर बहुत होता है। यही सरलता और स्पष्टता हिंदी को सभी के लिए अलग बनाती है। हिंदी बहुत ही सुलझी हुई, समझने में आसान और दिल को छू लेने वाली भाषा है।

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