इन दिनों तलाक और रिश्तों के टूटने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हालांकि अब बड़े शहरों में तलाक को पहले की तुलना में ज्यादा स्वीकार किया जाने लगा है, लेकिन देश के कई हिस्सों में यह आज भी एक सामाजिक टैबू बना हुआ है। अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने तलाक को लेकर समाज और परिवार की मानसिकता पर खुलकर बात की है।
तलाक के फैसले पर मिला विरोध
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में मलाइका ने बताया कि जब उन्होंने अपने पति अरबाज खान से अलग होने और तलाक लेने का फैसला किया, तब उन्हें सिर्फ समाज ही नहीं बल्कि परिवार और दोस्तों की ओर से भी विरोध और आलोचना झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उस समय उनके हर फैसले पर सवाल उठाए गए।
मलाइका ने कहा, “मैं नहीं जानती थी कि आगे क्या होने वाला है, लेकिन मुझे यह पता था कि मुझे अपने जीवन में यह कदम उठाना जरूरी है। मेरे लिए खुश रहना सबसे अहम था, भले ही लोग इसे समझ नहीं पाए।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस दौर में उन्हें काम न मिलने का डर भी था, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहना सही समझा।
महिलाओं से ही क्यों पूछे जाते हैं सवाल?
अभिनेत्री ने समाज की दोहरी मानसिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुरुषों से उनके निजी और पेशेवर फैसलों को लेकर शायद ही कभी सवाल किए जाते हैं, जबकि महिलाओं को हर कदम पर आलोचना का सामना करना पड़ता है। मलाइका के मुताबिक, “अगर कोई महिला पारंपरिक रास्ते से हटकर अपनी जिंदगी के फैसले लेती है, तो उस पर उंगलियां उठने लगती हैं।”
शादी पर आज भी भरोसा
मलाइका अरोड़ा ने साफ किया कि वह आज भी शादी की संस्था में विश्वास रखती हैं, लेकिन इसे अपने जीवन के लिए जरूरी नहीं मानतीं। उन्होंने कहा कि अगर शादी स्वाभाविक रूप से उनकी जिंदगी में आती है, तो वह इसे स्वीकार करेंगी, लेकिन वह इसकी तलाश में नहीं हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि शादी का फैसला जल्दबाजी में न लें।
2017 में हुआ था तलाक
गौरतलब है कि मलाइका ने साल 1998 में अरबाज खान से शादी की थी। करीब 18 साल साथ रहने के बाद दोनों साल 2016 में अलग हो गए और 2017 में आधिकारिक रूप से तलाक ले लिया। इसके बाद मलाइका का नाम अभिनेता अर्जुन कपूर के साथ भी जुड़ा, हालांकि अब दोनों अलग हो चुके हैं।
