• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    December 13, 2025

    गोल्ड ईटीएफ में निवेश तो हो रहा लेकिन रफ्तार धीमी पड़ी, विशेषज्ञ क्या बोले जानिए

    सितंबर और अक्तूबर की तुलना में नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। इसकी प्रमुख वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना बताया जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में हल्की नरमी आई। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों का भरोसा सोने पर बना हुआ है और उन्होंने लगातार सातवें महीने गोल्ड ईटीएफ में निवेश जारी रखा।

    एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में 3,742 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ, जबकि अक्तूबर में यह आंकड़ा 7,743 करोड़ रुपये था। यानी एक महीने में निवेश लगभग आधा रह गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब इस साल सोने की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत तक तेजी देखी गई है।

    नवंबर के अंत तक गोल्ड ईटीएफ की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियां (AUM) बढ़कर 1.10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गईं। अक्तूबर में पहली बार यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये के पार गया था। AUM में बढ़ोतरी सोने की कीमतों में आई तेजी को भी दर्शाती है। वहीं चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग के चलते सिल्वर ईटीएफ में निवेशकों की रुचि बढ़ती नजर आई है।

    AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव वेंकट चलसानी ने कहा कि गोल्ड ईटीएफ में निवेश जारी है, लेकिन उसकी गति पहले के मुकाबले धीमी हुई है। डॉलर की मजबूती और सीमित रिटर्न की उम्मीद इसकी वजह है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने-चांदी की भूमिका के कारण आगे भी इनमें निवेश बना रहने की संभावना है।

    दूसरी ओर, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश मजबूत बना हुआ है। नवंबर में सक्रिय रूप से प्रबंधित इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 29,911 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अक्तूबर के मुकाबले करीब 21 प्रतिशत ज्यादा है। खासकर फ्लेक्सी कैप फंड्स में निवेश में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    कुल मिलाकर, जहां गोल्ड ईटीएफ में निवेश की रफ्तार थोड़ी थमी है, वहीं इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories