महिला हो या पुरुष, हर उम्र के लोगों के लिए योगासन सेहत के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। योग जहां बुजुर्गों को जोड़ों के दर्द से राहत देने, इम्यूनिटी मजबूत करने और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है, वहीं बच्चों के लिए यह लंबाई बढ़ाने, याददाश्त तेज करने और एकाग्रता सुधारने में अहम भूमिका निभाता है।
आज के दौर में बच्चे किताबों से ज्यादा स्क्रीन से जुड़े रहते हैं। मोबाइल, टैबलेट और टीवी की बढ़ती आदत के कारण बच्चों का पोश्चर बिगड़ रहा है, आंखें जल्दी थक जाती हैं और पढ़ाई में फोकस कम होने लगता है। झुकी हुई रीढ़, कमजोर नजर और बिखरे ध्यान को सुधारने के लिए कई अभिभावक टॉनिक या कोचिंग का सहारा लेते हैं, जबकि इसका सबसे सरल और असरदार समाधान योग है।
योग बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक स्पष्टता और स्मरण शक्ति को भी मजबूत करता है। नियमित अभ्यास से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ती है। विशेषज्ञों के अनुसार 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए कुछ योगासन विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, जिन्हें खाली पेट या हल्का नाश्ता करने के बाद किसी बड़े की निगरानी में कराया जाना चाहिए।
ताड़ासन बच्चों की लंबाई बढ़ाने और पोश्चर सुधारने में मददगार माना जाता है। इस आसन में पैरों को साथ रखकर हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और पंजों के बल खड़े होकर गहरी सांस ली जाती है। यह रीढ़ की हड्डी को खींचता है और शरीर का संतुलन बेहतर बनाता है।
भुजंगासन रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाए रखने के साथ-साथ फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। मोबाइल और स्क्रीन के कारण शरीर में आने वाले झुकाव को यह आसन ठीक करने में सहायक है। इसके अभ्यास से ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
वृक्षासन बच्चों की एकाग्रता और संतुलन को मजबूत करता है। एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर को जांघ पर रखना और हाथ जोड़कर खड़ा रहना फोकस बढ़ाने में मदद करता है। इससे न्यूरो-मसल कोऑर्डिनेशन सुधरता है और बेचैनी कम होती है।
वहीं बालासन बच्चों को मानसिक शांति देता है। यह आसन परीक्षा, होमवर्क और स्क्रीन से होने वाले मानसिक तनाव को कम करता है, जिससे अच्छी नींद और भावनात्मक संतुलन बना रहता है।
कुल मिलाकर, रोजाना कुछ समय योग के लिए निकालना बच्चों की लंबाई, दिमागी विकास और सेहत तीनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। नियमित अभ्यास से न सिर्फ उनका शरीर मजबूत होता है, बल्कि पढ़ाई में मन लगना और आत्मविश्वास बढ़ना भी तय है।
