भारत में आमतौर पर सब्जी के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले सहजन (मोरिंगा) के पत्ते पोषण के मामले में एक ‘सुपरफूड’ माने जाते हैं। इनके फायदे जितने बड़े हैं, उतनी ही कम जानकारी लोगों को इसके असली गुणों के बारे में होती है। पोषक तत्वों की बात करें तो मोरिंगा कई लोकप्रिय खाद्य पदार्थों को भी पीछे छोड़ देता है, खासकर कैल्शियम के मामले में इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता।
मोरिंगा में विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स की भरपूर मौजूदगी इसे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाती है। नियमित रूप से इसका सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य, त्वचा, बालों और इम्यून सिस्टम सभी पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे डाइट में ज़रूर शामिल करने की सलाह देते हैं।
कैल्शियम की शक्ति: दूध से चार गुना अधिक कैल्शियम
मोरिंगा के पत्ते कैल्शियम के बड़े स्रोत माने जाते हैं। सूखे मोरिंगा पाउडर में दूध की तुलना में करीब चार गुना अधिक कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में अहम होता है। इसका सेवन ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करता है और मांसपेशियों के सही कार्य में मदद करता है।
विटामिन C: संतरे से दोगुना अधिक
मोरिंगा के पत्तों में विटामिन C की मात्रा संतरे की तुलना में दोगुना से भी अधिक होती है। विटामिन C एक प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, संक्रमण से बचाता है और घाव भरने में सहायता करता है। साथ ही यह कोलेजन उत्पादन को भी बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है।
पोटैशियम: केले से तीन गुना अधिक
पोटैशियम शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए ज़रूरी है और यह रक्तचाप नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मोरिंगा के पत्तों में केले की तुलना में करीब तीन गुना अधिक पोटैशियम पाया जाता है। यह हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने में मददगार है।
आयरन: पालक से दस गुना अधिक
एनीमिया दूर करने और शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन बनाए रखने के लिए आयरन बेहद ज़रूरी है। जहां पालक को आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है, वहीं सूखे मोरिंगा पाउडर में पालक की तुलना में लगभग दस गुना अधिक आयरन पाया जाता है। आयरन शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता को बढ़ाता है और थकान कम करता है।
