कल्पना कीजिए, आप एक ऐसी घाटी में चल रहे हैं जहां जमीन रंग-बिरंगे जंगली फूलों से ढकी है, या फिर एक पूरा पहाड़ नीले फूलों से रंगा हुआ है, जो 12 साल में सिर्फ एक बार खिलता है। यह सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि भारत में सच में मौजूद ऐसे कई फ्लोरल डेस्टिनेशन्स हैं, जहां का नज़ारा किसी जादू से कम नहीं लगता। शिलॉन्ग की गुलाबी चेरी ब्लॉसम से लेकर कश्मीर के रंगीन ट्यूलिप गार्डन तक, भारत के मौसमी फूल और फ्लोरल फेस्टिवल पर्यटकों को हर साल आकर्षित करते हैं।
कश्मीर का ट्यूलिप गार्डन
कश्मीर में मार्च से अप्रैल के बीच ट्यूलिप खिलते हैं। यहां स्थित इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है, जहां लाखों रंग-बिरंगे ट्यूलिप बेहद मनमोहक दृश्य पेश करते हैं।
शिलॉन्ग चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल, मेघालय
मेघालय के शिलॉन्ग में हर साल चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल आयोजित होता है। इस दौरान पूरा शहर गुलाबी चेरी ब्लॉसम से ढक जाता है, जो इसे भारत के सबसे रोमांटिक फ्लोरल डेस्टिनेशन्स में शामिल करता है।
वैली ऑफ फ्लावर्स, उत्तराखंड
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यहां 600 से ज्यादा प्रजातियों के जंगली फूल खिलते हैं, जो पूरी घाटी को रंगों से भर देते हैं।
नीलकुरिंजी ब्लूम, मुन्नार
केरल के मुन्नार में हर 12 साल में एक बार नीलकुरिंजी फूल खिलते हैं। इस दौरान पूरी पहाड़ियां नीले रंग में रंग जाती हैं। इसे दुनिया के सबसे दुर्लभ और खास फ्लोरल नजारों में गिना जाता है।
युमथांग वैली, सिक्किम
सिक्किम की युमथांग वैली को ‘ईस्ट की वैली ऑफ फ्लावर्स’ कहा जाता है। यहां रोडोडेंड्रोन और अल्पाइन फूलों की भरमार देखने को मिलती है, जो घाटी को बेहद खूबसूरत बना देती है।
कास पठार, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र का कास पठार मानसून के मौसम में फूलों से भर उठता है। इसे ‘महाराष्ट्र की वैली ऑफ फ्लावर्स’ कहा जाता है, जहां करीब 1,000 से ज्यादा फूलों की प्रजातियां एक साथ खिलती हैं।
रोज गार्डन, चंडीगढ़
चंडीगढ़ का रोज गार्डन एशिया का सबसे बड़ा रोज गार्डन माना जाता है। फरवरी में यहां रोज फेस्टिवल आयोजित होता है, जहां 1,600 से अधिक गुलाबों की किस्में देखने को मिलती हैं।
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