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    December 13, 2025

    बाथरूम में टूथब्रश रखना क्यों बन सकता है सेहत के लिए खतरा? जानिए बड़ा कारण

    टूथब्रश को बाथरूम में रखना एक आम आदत है, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए एक अदृश्य और गंभीर खतरा बन सकता है। असल खतरा तब शुरू होता है, जब टॉयलेट फ्लश किया जाता है। फ्लश करने पर पानी के साथ सूक्ष्म एरोसोल और बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं। कई अध्ययनों के मुताबिक ये रोगाणु कई फीट तक हवा में सफर कर सकते हैं और सीधे आपके टूथब्रश के ब्रिसल्स पर जम जाते हैं।

    छोटे बाथरूम, खराब वेंटिलेशन और जहां सिंक टॉयलेट के पास होता है, वहां यह जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है। समय के साथ ऐसे दूषित टूथब्रश का इस्तेमाल ओरल इन्फेक्शन, मसूड़ों की सूजन और पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे डायरिया का कारण बन सकता है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरा और गंभीर हो सकता है।

    टॉयलेट फ्लश करने पर फैलने वाले एरोसोल में बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं। टॉयलेट सीट का ढक्कन बंद करके फ्लश करने से जोखिम कुछ हद तक कम जरूर होता है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होता, क्योंकि सूक्ष्म कण छोटे गैप्स से बाहर निकल सकते हैं।

    ओरल हाइजीन का सबसे जरूरी नियम है कि टूथब्रश को टॉयलेट से जितना हो सके, उतना दूर रखा जाए। बेहतर है कि इसे किसी बंद कैबिनेट या दराज में स्टोर किया जाए। केवल ब्रश पर ढक्कन लगाना पर्याप्त नहीं माना जाता, दूरी और सही जगह ज्यादा जरूरी है।

    इसके अलावा, टूथब्रश को इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह सुखाना भी बेहद जरूरी है। नमी बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती है, इसलिए गीले ब्रश को तुरंत बंद कंटेनर में न रखें। ब्रश को हमेशा खड़ी स्थिति में रखें, ताकि हवा का संचार बना रहे।

    डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, टूथब्रश को हर तीन से चार महीने में बदल देना चाहिए। अगर ब्रिसल्स मुड़ जाएं या खराब हो जाएं, तो तुरंत नया ब्रश इस्तेमाल करें। साथ ही, जुकाम, फ्लू या किसी भी बीमारी के बाद टूथब्रश बदलना जरूरी है, ताकि दोबारा संक्रमण का खतरा न रहे।

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