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    October 15, 2025

    डेंगू में बकरी का दूध नहीं है मददगार, वैज्ञानिकों ने बताया कारण

    डेंगू या किसी अन्य वायरल संक्रमण के दौरान जब शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है, तो अक्सर पारंपरिक रूप से बकरी का दूध पीने की सलाह दी जाती है। सदियों से चली आ रही यह मान्यता है कि बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार भी है?

    शोध में खुलासा

    हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह सामने आया है कि बकरी के दूध से प्लेटलेट्स बढ़ाने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसके कच्चे सेवन से ब्रूसेलोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ब्रूसेलोसिस के लक्षण डेंगू जैसे ही तेज बुखार और बदन दर्द होते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है।

    एक केस स्टडी में एक महिला को पहले डेंगू हुआ था। ठीक होने के बाद कुछ दिनों में उसे फिर तेज बुखार हुआ। जांच में ब्रूसेलोसिस की पुष्टि हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू के दौरान कच्चा बकरी का दूध पीने से यह संक्रमण फैल सकता है, क्योंकि बकरी ब्रूसेला बैक्टीरिया की वाहक हो सकती है।

    बकरी का दूध – पोषण के लिए ठीक, प्लेटलेट्स के लिए नहीं

    शोध के मुताबिक बकरी का दूध गाय के दूध की तुलना में जल्दी पच जाता है। इसमें कम लैक्टोज और छोटे फैट ग्लोब्यूल्स होते हैं, इसलिए बीमारी से उबर रहे लोगों के लिए यह पोषण का अच्छा स्रोत हो सकता है। लेकिन यह प्लेटलेट्स बढ़ाने में सीधे असर नहीं डालता।

    विशेषज्ञों की सलाह

    • कच्चा दूध बिल्कुल न पिएं।
    • हमेशा दूध को अच्छी तरह उबालकर ही सेवन करें।
    • डेंगू या किसी वायरल संक्रमण के दौरान कोई भी पारंपरिक उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

    निष्कर्ष

    बकरी का दूध केवल पोषण देता है, लेकिन प्लेटलेट्स बढ़ाने का दावा मिथक है। कच्चा दूध पीने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य सुरक्षित रखने के लिए हमेशा उबालकर दूध पिएं और डॉक्टर की सलाह का पालन करें।

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