शरीर में लिवर सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो पाचन, विषैले तत्वों को बाहर निकालने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड, अल्कोहल और तनाव की वजह से लिवर पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। अगर लिवर कमजोर हो जाए तो थकान, पाचन संबंधी समस्याएं और कई गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं। ऐसे में योगासन लिवर को डिटॉक्स करने और उसे स्वस्थ बनाए रखने का प्राकृतिक और असरदार तरीका है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए योगासन एक प्राकृतिक उपाय है। रोजाना इन आसनों का 10 से 15 मिनट अभ्यास करके लिवर को डिटॉक्स किया जा सकता है। साथ ही संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। ये रहे लिवर से टाॅक्सिन को दूर करने के लिए असरदार योगासन।
भुजंगासन
यह आसन लिवर की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और खून का संचार बढ़ाता है। इससे लिवर पर जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र भी बेहतर होता है। यह पेट के आसपास की चर्बी को कम करने के लिए बेस्ट आसन है। इस आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, पाचन सुधरता है और कमर पतली दिखने लगती है। इसे करने से छाती चौड़ी होती है और फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है।
धनुरासन
इस आसन को करने से पेट और लिवर पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन और लिवर की कार्यक्षमता बेहतर होती है। यह लिवर को डिटॉक्स करने और फैट कम करने में मददगार है। इस योगासन में शरीर धनुष की तरह दिखाई देता है। यह आंतरिक अंगों पर सकारात्मक दबाव डालता है और पैंक्रियाज को टोन करता है। रोज 15 से 20 सेकंड धनुरासन के दो सेट का अभ्यास पर्याप्त है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
यह आसन लिवर को स्ट्रेच करता है और विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज करता है। साथ ही पाचन क्रिया को मजबूत करता है। यह आसन पैंक्रियास को सक्रिय करता है और इंसुलिन के स्राव को संतुलित करता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन का अभ्यास लिवर और किडनी की कार्यक्षमता भी बढ़ाता है। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है।
कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति लिवर की शुद्धि के लिए बेहद लाभकारी है। इससे रक्त शुद्ध होता है और लिवर की कोशिकाएं सक्रिय होती हैं। यह आसन वजन नियंत्रित करने, पेट की चर्बी घटाने और शरीर के विषैले तत्व बाहर निकालकर पेट साफ करने में सहायक है।
