उम्र बढ़ना जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इसके साथ ही शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। लचीलापन कम होना, संतुलन बिगड़ना, ऊर्जा में कमी आना और जोड़ों का दर्द बढ़ना—ये सभी बढ़ती उम्र के आम लक्षण हैं। ऐसे में फिट रहने और शरीर को सक्रिय रखने के लिए योग एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि हर उम्र में सभी योगासन करना आसान नहीं होता, विशेषकर बुजुर्गों के लिए।
इसी के चलते चेयर योग वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, सरल और अत्यंत प्रभावी उपाय बनकर उभर रहा है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है जो भारी योगासन या संतुलन वाले आसनों को करने में कठिनाई महसूस करते हैं।
चेयर योग क्या है?
चेयर योग यानी कुर्सी पर बैठकर किया जाने वाला योग। इसमें शरीर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और गिरने का जोखिम भी लगभग न के बराबर होता है। यह हर उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति में किया जा सकने वाला व्यायाम है। इस योग से जहां शारीरिक लाभ मिलते हैं, वहीं मानसिक तनाव और चिंता में भी कमी आती है।
चेयर योग के प्रमुख फायदे
- जोड़ों के दर्द में राहत: घुटनों, कमर और पीठ दर्द की स्थिति में भी इसे आराम से किया जा सकता है।
- गिरने का खतरा कम: यह बैठे-बैठे किया जाता है, इसलिए संतुलन बिगड़ने और गिरने की संभावना बहुत कम होती है।
- कम मेहनत, ज्यादा लाभ: हल्के-फुल्के अभ्यास के बावजूद शरीर को अच्छा व्यायाम मिलता है।
- दिल और दिमाग को फायदा: श्वास अभ्यास के कारण ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है, जिससे हृदय और मानसिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर होते हैं।
चेयर योग के स्वास्थ्य लाभ
- मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ाता है और अकड़न कम करता है।
- नियमित अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन और हृदय स्वास्थ्य सुधारता है।
- तनाव और चिंता कम कर मानसिक शांति प्रदान करता है।
- संतुलन और काॅर्डिनेशन बेहतर करता है, जिससे गिरने की आशंका कम हो जाती है।
- जोड़ों और पीठ दर्द वाले लोगों को खास राहत मिलती है।
बुजुर्गों के लिए आसान चेयर योगासन
- अभ्यास के लिए हमेशा मजबूत, बिना पहियों वाली कुर्सी का इस्तेमाल करें।
- सिटेड माउंटेन पोज: कुर्सी पर बैठकर पर्वतासन की मुद्रा, पीठ सीधी और कंधे ढीले।
- नेक स्ट्रेचेज: गर्दन को दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे स्ट्रेच करना।
- कंधे घुमाना (शोल्डर रोल्स): कंधों को आगे और पीछे घुमाकर तनाव दूर करना।
- सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट: कमर की हड्डियों को लचीला बनाने वाला आसन, पाचन में भी मददगार।
- सिटेड मार्चिंग: पैरों को हल्का-हल्का उठाकर मांसपेशियों को सक्रिय रखना।
- एंकल सर्कल्स: एड़ियों को गोलाकार घुमाकर रक्त प्रवाह में सुधार।
कितनी देर करें अभ्यास?
चेयर योग का अभ्यास 15 से 20 मिनट, सप्ताह में 4 से 5 दिन करना लाभदायक रहता है। बुजुर्गों को धीरे-धीरे अभ्यास का समय बढ़ाना चाहिए और हर आसन को अपने आराम के अनुसार, बिना किसी जोर के करना चाहिए।
