• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    September 04, 2025

    मुंह में लंबे समय तक छाला? इसे न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत

    अक्सर हम मुंह के अंदर होने वाले छोटे-मोटे छालों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये छाले आमतौर पर मसालेदार खाना खाने, पेट की गर्मी या विटामिन की कमी से होते हैं और कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन, अगर कोई छाला दो सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे, ठीक न हो या उसका आकार बढ़ता जाए, तो यह एक गंभीर चेतावनी हो सकती है। यह मुंह के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, मुंह का कैंसर दुनिया में सबसे आम कैंसर में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह तम्बाकू और शराब का सेवन है। अगर इसके लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है। इसलिए मुंह में होने वाले हर बदलाव को गंभीरता से लेना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं

    ओरल कैंसर के लक्षण
    मुंह के कैंसर के लक्षण सिर्फ छालों तक सीमित नहीं हैं। अगर आपके मुंह में कोई सफेद या लाल धब्बा दिखाई दे, जो आसानी से न जाए, तो यह चिंता का विषय है। इसके अलावा, मुंह में कोई गांठ या सूजन, खाना चबाने या निगलने में दर्द, या आवाज में बदलाव हो रहा है, तो ये भी इसके प्रमुख लक्षण हैं। ओरल कैंसर के लक्षणों में कई बार होंठ, मसूड़ों या जीभ पर भी छाले या घाव हो सकते हैं।

    तम्बाकू और शराब
    मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तम्बाकू और शराब का अत्यधिक सेवन है। सिगरेट, बीड़ी, सिगार, गुटखा और पान मसाला जैसे तम्बाकू उत्पादों में हानिकारक रसायन होते हैं जो मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। ज्यादा शराब पीने से भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इन दोनों का एक साथ सेवन करने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    क्या करें?
    मुंह के कैंसर से बचने का सबसे अच्छा तरीका है तम्बाकू और शराब का सेवन बंद करें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां और फल शामिल करें, और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर किसी को इनमें कोई भी लक्षण दो सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

    समय पर इलाज का महत्व
    मुंह के कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगने पर इसका सफल इलाज संभव है। शुरुआती चरण में सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी से इसका इलाज किया जा सकता है। लेकिन, अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है। इसलिए जागरूकता और समय पर जांच ही इस बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories