महिलाओं के जीवन में हार्मोनल संतुलन बेहद अहम होता है। चाहे पीरियड्स की अनियमितता हो, थायरॉयड की समस्या, प्रेग्नेंसी के बाद हार्मोनल बदलाव या मेनोपॉज का समय हो। हर पड़ाव पर शरीर और मन को संतुलित रखने के लिए योग सबसे प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है। योग न सिर्फ शरीर को लचीला और ऊर्जावान बनाता है, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं को भी कम करता है। योग सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि हार्मोनल और मानसिक संतुलन के लिए भी एक वरदान है। नियमित अभ्यास से महिलाएं जीवन के हर चरण को सहजता और ऊर्जा के साथ जी सकती हैं। आइए जानते हैं उन योगासनों के बारे में, जो महिलाओं के हार्मोन को संतुलित रखने में मददगार हैं।
भुजंगासन
यह आसन थायरॉयड और प्रजनन तंत्र को सक्रिय करता है। इससे तनाव कम होता है और हार्मोनल ग्रंथियां संतुलित रूप से कार्य करती हैं। इससे लिवर पर जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र भी बेहतर होता है। यह पेट के आसपास की चर्बी को कम करने के लिए बेस्ट आसन है। इस आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, पाचन सुधरता है और कमर पतली दिखने लगती है। इसे करने से छाती चौड़ी होती है और फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है
बालासन
यह आसन मन को शांत करता है और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी चिड़चिड़ापन व तनाव को दूर करता है। मानसिक शांति और स्ट्रेस रिलीफ के लिए बालासन श्रेष्ठ है। बालासन एक आरामदायक योगासन है जो शरीर और मन दोनों को शांत करने में मदद करता है। यह तनाव और चिंता को कम करके, पीठ दर्द से राहत दिलाने, पाचन में सुधार करने और शरीर को आराम देने में सहायक है। बालासन का अभ्यास मानसिक तनाव कम करता है जो गर्भधारण में बड़ी रुकावट है। इसके अभ्यास के लिए वज्रासन में बैठकर आगे झुकते हुए हाथ आगे फैलाएं।
सेतुबंधासन
इस आसन से प्रजनन अंगों में रक्त संचार बेहतर होता है और पीरियड्स की अनियमितता दूर होती है। यह तनाव को कम करने और थायरॉइड, पीरियड्स को रेगुलेट करने में सहायक है। सेतुबंधासन को ब्रिज पोज कहते हैं जिसमें शरीर की मुद्रा एक सेतु की तरह हो जाती है। यह आसन पीठ दर्द को कम करने, मांसपेशियों को मजबूत करने और तनाव को कम करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है जो गर्भावस्था और प्रसव के लिए फायदेमंद है। साथ ही हार्मोनल बैलेंस को सुधारता है और यूट्रस की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को ऊपर उठाएं।
तितली आसन
इस आसन को बद्ध कोणासन भी कहते हैं। यह महिलाओं के लिए खास योगासन है, जो प्रजनन अंगों को मजबूत करता है और हार्मोन को संतुलित रखने में सहायक है। इसके अभ्यास से पेल्विक फ्लो को खोलने और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद मिलती है। यह पाचन सुधारने, मासिक धर्म के दर्द से राहत दिलाने, तनाव और चिंता को कम करने के साथ ही प्रजनन प्रणाली को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। आसन से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और अंडाशय को सक्रिय करता है। इस आसन के अभ्यास के लिए जमीन पर बैठेंकर दोनों पैरों को जोड़ें और घुटनों को ऊपर-नीचे करें।
