• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    December 21, 2025

    NASA स्टडी से लेकर नई रिसर्च तक: इंडोर प्लांट्स हवा को कितना साफ करते हैं?

    दिल्ली समेत देशभर के कई बड़े शहरों में इन दिनों प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। बढ़ते एयर पॉल्यूशन के बीच लोग घर के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का सहारा ले रहे हैं। वहीं, कई लोग इंडोर प्लांट्स को भी एक प्राकृतिक समाधान मानते हैं। आम धारणा है कि घर में पौधे लगाने से न सिर्फ वातावरण अच्छा रहता है, बल्कि कमरे का AQI भी बेहतर होता है। लेकिन वैज्ञानिक शोध इस दावे पर क्या कहते हैं, यह जानना जरूरी है।

    NASA स्टडी से शुरू हुई थी उम्मीद

    साल 1989 में NASA की एक चर्चित स्टडी में यह बताया गया था कि स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और पीस लिली जैसे पौधे हवा में मौजूद बेंजीन और फॉर्मेल्डिहाइड जैसे जहरीले रसायनों को कुछ हद तक अवशोषित कर सकते हैं। इसी रिसर्च के बाद घरों में इंडोर प्लांट्स लगाने का चलन तेजी से बढ़ा।

    आधुनिक शोध क्या कहते हैं?

    हालिया वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, सामान्य आकार के कमरे की हवा को केवल पौधों के जरिए पूरी तरह शुद्ध करना व्यावहारिक नहीं है। शोध बताते हैं कि एक वर्ग मीटर क्षेत्र की हवा को साफ करने के लिए 10 से लेकर 1000 पौधों तक की जरूरत पड़ सकती है। यानी 6–7 वर्ग मीटर के छोटे कमरे में भी 100 से ज्यादा पौधे लगाने होंगे, जो संभव नहीं है।
    विशेषज्ञों का कहना है कि पौधे प्रदूषकों को सोखते जरूर हैं, लेकिन उनकी गति एयर प्यूरीफायर के मुकाबले बेहद धीमी होती है। इसलिए पौधों को एयर प्यूरीफायर का विकल्प मानना एक गलतफहमी है।

    फिर क्यों फायदेमंद हैं इंडोर प्लांट्स?

    इसका मतलब यह नहीं कि घर में पौधे लगाना बेकार है। इंडोर प्लांट्स के कई अप्रत्यक्ष फायदे हैं। ये घर में नमी बनाए रखने, ऑक्सीजन का स्तर थोड़ा संतुलित करने और मानसिक तनाव कम करने में मदद करते हैं। हरा-भरा माहौल मन को शांति देता है और लोगों को अधिक रिलैक्स व फोकस्ड महसूस कराता है।

    वेंटिलेशन और एयर प्यूरीफायर ज्यादा असरदार

    शोध बताते हैं कि प्राकृतिक वेंटिलेशन, यानी खिड़की-दरवाजे खोलकर हवा का आदान-प्रदान करना, पौधों की तुलना में कहीं ज्यादा प्रभावी है। वहीं, जब बाहर का प्रदूषण बहुत ज्यादा हो, तो HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर ही सबसे भरोसेमंद उपाय माने जाते हैं। पौधे इस प्रक्रिया में केवल सहायक भूमिका निभाते हैं, वे धूल और PM2.5 जैसे सूक्ष्म कणों को फिल्टर नहीं कर सकते।

    संतुलन बनाना है जरूरी

    इंडोर प्लांट्स घर की सुंदरता बढ़ाने और मानसिक सुकून के लिए बेहतरीन हैं, लेकिन उनसे कमरे का AQI रातों-रात सुधरने की उम्मीद करना सही नहीं है। बेहतर होगा कि पौधों को सजावट और पॉजिटिव माहौल के लिए लगाएं, जबकि गंभीर प्रदूषण से बचाव के लिए वेंटिलेशन, एयर प्यूरीफायर और अन्य तकनीकी उपायों पर भरोसा करें। पौधे आपका मूड जरूर बेहतर करेंगे, लेकिन हवा को पूरी तरह साफ करने की जिम्मेदारी अकेले नहीं उठा सकते।

    Tags :
    Share :

    Top Stories