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    December 22, 2025

    प्रदूषण का कहर: डॉक्टर ने बताया एक महीने की ओपीडी का हाल, मरीजों की भीड़ बढ़ी

    राजधानी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। सोमवार सुबह भी शहर के कई इलाकों में धुंध और स्मॉग छाया रहा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। शहर के सात इलाकों में एक्यूआई ‘गंभीर’ स्तर पर दर्ज किया गया, जबकि औसत एक्यूआई 366 रहा। प्रदूषण के साथ कोहरे के कारण जनजीवन और यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

    लगातार खराब हवा का सीधा असर लोगों की सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर के कई अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले एक महीने में सांस की समस्या, गले में खराश, आंखों में जलन और अनियमित हृदय गति जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से क्रॉनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

    पश्चिमी दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. आकाश गर्ग ने बताया कि बीते एक महीने में ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज सांस संबंधी परेशानियों के आ रहे हैं। इसके अलावा सिरदर्द, आंखों में जलन और हार्ट रिदम से जुड़ी समस्याओं की शिकायत भी बढ़ी है। कई मामलों में प्रदूषण को ही मुख्य कारण पाया गया है, यहां तक कि पहले से स्वस्थ लोगों में भी जोखिम बढ़ता दिख रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण का असर सिर्फ बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शारीरिक गतिविधियों से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ को भी कम कर सकता है। हालिया अध्ययनों के मुताबिक, अत्यधिक प्रदूषित इलाकों में रहने वालों को नियमित व्यायाम से होने वाले फायदे भी अपेक्षाकृत कम मिलते हैं, जिससे असमय मृत्यु का जोखिम बढ़ सकता है।

    डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब एक्यूआई के दौरान बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

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