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    November 26, 2025

    सफेद क्रांति ने भारत को बनाया दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश, जानें 26 नवंबर का महत्व

    भारत में हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय दुग्ध उद्योग के जनक डॉ. वर्गीस कुरियन को समर्पित है, जिन्हें श्वेत क्रांति के पिता के रूप में पूरी दुनिया जानती है। भारत को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और दूध की कमी से जूझते देश को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राष्ट्र बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। आइए समझते हैं कि यह दिन 26 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है और इसका इतिहास क्या है।

    राष्ट्रीय दुग्ध दिवस का इतिहास

    1950 के दशक में भारत दूध की भारी कमी से परेशान था। इस संकट के समय डॉ. कुरियन ने ‘ऑपरेशन फ्लड’ की शुरुआत की, जो दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम माना जाता है। इस अभियान से किसानों को सीधे दूध बेचने की सुविधा मिली और उन्हें उचित कीमत सुनिश्चित हुई। अमूल समेत कई बड़े डेयरी ब्रांड इसी क्रांति की उपज हैं।
    भारत में पहली बार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 2014 में मनाया गया।

    26 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है दुग्ध दिवस?

    डॉ. वर्गीस कुरियन का जन्म 26 नवंबर 1921 को हुआ था। उनके जन्मदिन के सम्मान में इंडियन डेयरी एसोसिएशन (IDA) ने 2014 में निर्णय लिया कि इस दिन को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
    डॉ. कुरियन द्वारा 1965 में गुजरात के आनंद से शुरू की गई सफेद क्रांति ने भारत को दूध उत्पादन में विश्व में शीर्ष पर पहुंचा दिया।

    क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय दुग्ध दिवस?

    इस दिन का उद्देश्य है—

    • दूध और डेयरी उत्पादों के महत्व को बढ़ावा देना
    • पोषण और स्वास्थ्य में दूध की भूमिका समझाना
    • डेयरी किसानों के योगदान को सम्मान देना
    • भारत के डेयरी सेक्टर की उपलब्धियों पर जागरूकता फैलाना
    • सफेद क्रांति के नायक डॉ. कुरियन को श्रद्धांजलि देना

    दुग्ध दिवस का महत्व

    • पोषण: दूध को सम्पूर्ण आहार माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D, B12 और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं।
    • किसानों की आजीविका: देश में लाखों किसान डेयरी पर निर्भर हैं।
    • स्वास्थ्य: बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, दूध सभी के लिए लाभकारी है।
    • आर्थिक योगदान: डेयरी सेक्टर भारत की जीडीपी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • विरासत: यह दिन डॉ. कुरियन की प्रेरणादायक यात्रा और उनके योगदान की याद दिलाता है।

    राष्ट्रीय दुग्ध दिवस कैसे मनाया जाता है?

    • स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम
    • डेयरी फार्मों में विशेष आयोजन
    • पोषण और डेयरी से जुड़े सेमिनार
    • स्किम्ड/लो-फैट दूध वितरण कार्यक्रम
    • सोशल मीडिया कैंपेन
    • डेयरी किसानों को सम्मानित करना

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