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    December 19, 2025

    सर्दी के मौसम में अनियंत्रित खानपान से किन बीमारियों का रहता है सबसे ज्यादा जोखिम

    ठंड का मौसम अपने चरम पर है और इससे बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों की कई परतें पहनने लगे हैं। इस मौसम में एक आम समस्या यह भी देखने को मिलती है कि लोगों की भूख और खाने की इच्छा सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण शरीर का तापमान संतुलित रखने की प्रक्रिया है। ठंड के दौरान शरीर को खुद को गर्म रखने के लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और बार-बार भूख महसूस होती है।

    इसके साथ ही सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी होने से शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन का संतुलन भी बदल जाता है। इसका असर सीधे मूड पर पड़ता है और व्यक्ति सुस्ती या विंटर ब्लूज महसूस करने लगता है। इस मानसिक स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोग अक्सर कम्फर्ट फूड की ओर आकर्षित होते हैं, जिसमें तला-भुना, मीठा और ज्यादा कैलोरी वाला भोजन शामिल होता है। यही आदत धीरे-धीरे ओवरईटिंग में बदल जाती है।

    स्वाद और आदत के कारण की गई ओवरईटिंग का सबसे पहला असर वजन बढ़ने के रूप में सामने आता है। सर्दियों में शारीरिक गतिविधि कम होने और कैलोरी का सेवन बढ़ने से शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है। इससे मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ता है, जिसमें पेट के आसपास चर्बी बढ़ना, फैटी लीवर, जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी समस्याएं शामिल हैं।

    ओवरईटिंग का सीधा संबंध हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल से भी है। ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। सर्दियों में पहले से ही नसें सिकुड़ी रहती हैं, ऐसे में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    इसके अलावा बार-बार और अधिक मात्रा में शुगर व कार्बोहाइड्रेट लेने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित हो सकता है। इसका नतीजा ब्लड शुगर के असंतुलन के रूप में सामने आता है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज में बदल सकता है। यही वजह है कि सर्दियों में कई लोगों का शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है।

    सर्दियों में ओवरईटिंग से बचने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। डाइट में सूप, सलाद और हरी सब्जियों को शामिल करें, जिससे पेट देर तक भरा रहे। शरीर को हाइड्रेटेड रखें, क्योंकि कई बार प्यास को ही भूख समझ लिया जाता है। भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं ताकि दिमाग को समय पर पेट भरने का संकेत मिल सके। संतुलित और पोषक आहार अपनाकर न सिर्फ सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि सर्दियों का आनंद भी बिना किसी परेशानी के लिया जा सकता है।

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