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    October 05, 2025

    स्टाइलिश घर बनवाते वक्त ये 7 गलती न करें, वरना बढ़ती उम्र में होगा अफसोस

    सुबह की हल्की धूप, बालकनी में चाय और जीवन-साथी की मुस्कान — यही पल एक घर को “घर” बनाते हैं। लेकिन क्या आपने सोचा है कि जब उम्र बढ़ेगी, शरीर थकने लगेगा और बच्चे अपने-अपने रास्तों पर निकल जाएंगे, तब यह घर आपके लिए कितना आरामदायक रहेगा?

    अधिकतर लोग घर बनाते समय केवल सौंदर्य और मौजूदा जरूरतों पर ध्यान देते हैं — चमकदार फर्श, मॉड्यूलर किचन, ऊंची अलमारियां और स्टाइलिश सीढ़ियां। लेकिन उम्र बढ़ने पर घुटने और कमर कमजोर हो सकती है, और नजर भी कमजोर होने लगती है। ऐसे में यही सजावट बोझ बन सकती है।

    मुख्य कमरे ग्राउंड फ्लोर पर रखें

    भारत में अधिकतर लोग ग्राउंड फ्लोर मेहमानों के लिए छोड़ देते हैं और खुद पहली मंजिल पर रहते हैं। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ सीढ़ियां चढ़ना-उतरना मुश्किल और जोखिम भरा हो जाता है।
    इसलिए बेडरूम, किचन और बाथरूम जैसी जरूरी जगहें ग्राउंड फ्लोर पर रखें। जगह कम है तो एक मल्टीपर्पज़ रूम बनाएं, जो मेहमानों और भविष्य में आपके रहने के लिए भी काम आए।

    चौड़े दरवाजे और गलियारे

    बड़े और चौड़े दरवाजे घर को खूबसूरत बनाते हैं और उम्र बढ़ने पर सुरक्षा भी बढ़ाते हैं।
    वृद्धावस्था में जब वॉकर या व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना पड़े, तो चौड़े रास्ते आपके लिए सुविधाजनक और सुरक्षित साबित होंगे।

    फिसलन-रोधी फर्श का चयन करें

    ट्रेंडी मार्बल और ग्लॉसी टाइल्स आकर्षक दिखती हैं, लेकिन उम्र बढ़ने पर फिसलने का खतरा रहता है।
    इसलिए घर में मैट फिनिश या एंटी-स्किड टाइल्स लगवाएं। यदि पहले से चिकना फर्श है, तो उस पर फिसलन-रोधी मैट या कारपेट बिछाएं।

    प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन

    बड़े खिड़कियां और हल्के रंग की दीवारें घर में खुलापन और पॉज़िटिव एनर्जी लाती हैं।
    उम्र बढ़ने पर यह स्वास्थ्य और सुविधा दोनों के लिए जरूरी है।

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