आहार, दिनचर्या में गड़बड़ी और स्क्रीन टाइम-रसायनों का बढ़ता संपर्क इंसानी सेहत के लिए दिक्कतें बढ़ाता जा रहा है। आलम ये है कि कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियां जो पहले सिर्फ बुजु्र्गों में देखी जाती थीं, वह 30 से कम उम्र के लोगों को भी परेशान कर रही हैं। ज्यादा चीनी और फैटी डाइट, नींद की कमी और तनाव ने क्रॉनिक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा दिया है।
भारत में स्थिति और भी गंभीर है, यहां हर दूसरा शहरी व्यक्ति किसी न किसी लाइफस्टाइल संबंधी समस्या का शिकार है। इन बीमारियों का शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है।
हमारा शरीर स्वयं संकेत देता है कि अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। यही कारण है कि आंखों, त्वचा में दिखने वाले असामान्य लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। शरीर के भीतर छिपी कई समस्याओं का संकेत सबसे पहले त्वचा पर दिख सकता है। त्वचा के रंग, बनावट और दाग-धब्बों से पता चल सकता है कि कहीं कोई बीमारी तो नहीं पनप रही है?
त्वचा के रंग में बदलाव का कारण
त्वचा के रंग में बदलाव जैसे इसके नीला या बैंगनी दिखने को आमतौर पर लोग मामूली चोट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन शोध बताते हैं कि बार-बार या बिना वजह ऐसे निशान आना, किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
नीले या बैंगनी निशान को मेडिकल भाषा में ब्रूज कहा जाता है। ये तब बनते हैं जब त्वचा के नीचे की छोटी रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं और खून बाहर आकर जमा हो जाता है। सामान्य तौर पर ये चोट लगने के कारण होते हैं, लेकिन अगर बिना चोट के ऐसे निशान बनने लगें तो यह खतरे का संकेत है।
पोषक तत्वों की कमी का लक्षण
शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने से भी त्वचा पर नीले या बैंगनी रंग के छोटे-छोटे निशान नजर आ सकते हैं।
शरीर में बिना किसी वजह नीले निशान पड़ना विटामिन-सी की कमी का कारण हो सकता है। विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और घाव भरने में भी मदद करता है। ऐसे में अगर इसकी कमी हो जाए तो त्वचा पर नीले निशान पड़ जाते हैं।
इसी तरह शरीर की रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए आयरन की जरूरत होती है। अगर रक्त कोशिकाएं स्वस्थ नहीं हैं तो शरीर को जरूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाएगी। इससे भी त्वचा पर नीले निशान पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार शैल कहते हैं, त्वचा पर अगर बिना चोट के किसी तरह का परिवर्तन, जैसे नीले निशान दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। ये अगर आयरन की कमी के कारण है तो आयरन की पूर्ति के लिए पालक दाछोले, राजमा, खजूर किशमिश तिल और टोका सेवन करें। केला, ब्रोकली कवी पनीर सोयाबीन भी लाभ पहुंचाते हैं।
गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकते हैं नीले निशान
त्वचा में दिखने वाले इस तरह के परिवर्तन कई बार लिवर की समस्याओं का संकेत हो सकते हैं, जिसमें खून जमाने वाले प्रोटीन अधिक बनने लगता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता तो हल्की चोट पर भी आसानी से नीले निशान बन जाते हैं। हीमोफीलिया या प्लेटलेट्स की कमी (थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया) जैसी समस्याओं में खून जम नहीं पाता और शरीर पर बार-बार नीले निशान दिखने लगते हैं।
कुछ लोग जो खून पतला करने वाली दवाएं या स्टेरॉयड्स लेते हैं उनमें भी त्वचा पर नीले रंग के दाग नजर आ सकते हैं। नीले निशान अगर बार-बार बन रहे हों या लंबे समय तक ठीक न हों तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही जांच और विशेषज्ञ की सलाह आपको गंभीर खतरे से बचा सकती है।
