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    November 22, 2025

    ठंड के मौसम में गठिया के मरीज खास सावधान रहें, कुछ सामान्य गलतियां बिगाड़ देती हैं स्थिति

    कम उम्र में हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पहले जहां गठिया और जोड़ों का दर्द बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, अब यह समस्या युवाओं और यहां तक कि बच्चों में भी बड़े पैमाने पर देखी जा रही है। खराब दिनचर्या, असंतुलित खानपान और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कारण 15–20 वर्ष तक के युवा रूमेटाइड आर्थराइटिस और जुवेनाइल आर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।

    आर्थराइटिस या गठिया में जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। आधुनिक जीवनशैली ने इस जोखिम को और बढ़ा दिया है। कई मामलों में गठिया ऑटोइम्यून बीमारी के कारण भी विकसित होता है, जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अपने ही अंगों पर हमला करने लगती है। डॉक्टरों के अनुसार, स्वस्थ जीवनशैली और सावधानियां अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है, जबकि पहले से गठिया से पीड़ित लोगों को अपनी दिनचर्या में विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है ताकि दर्द और सूजन न बढ़े।

    गठिया के बढ़ते मामलों के पीछे मुख्य कारण

    मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चे और युवा आजकल मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने लंबे समय तक बैठे रहते हैं, जिससे जोड़ों तक खून का संचार घट जाता है और कार्टिलेज कमजोर होने लगते हैं। गलत खानपान, पोषण की कमी, विटामिन D, कैल्शियम और ओमेगा-3 की कमी भी हड्डियों और जोड़ों को जल्दी कमजोर कर देती है।

    जिन लोगों को पहले से गठिया है, उनके लिए जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी है। बढ़ता वजन जोड़ों पर सीधे दबाव डालता है और दर्द एवं सूजन बढ़ाने वाला प्रमुख कारण बनता है। वजन नियंत्रित रखने से चलने-फिरने और सक्रिय रहने में राहत मिलती है।

    इन गलतियों से गठिया के मरीजों को बचना चाहिए

    लंबे समय तक एक ही जगह बैठना — जोड़ों में रक्त प्रवाह कम हो जाता है और लूब्रिकेशन सूखने से दर्द बढ़ने लगता है। शोध बताते हैं कि 30–40 मिनट तक लगातार बैठना इंफ्लेमेशन बढ़ाता है। कंप्यूटर पर घंटों बैठकर काम करने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।

    खानपान में गलतियां — सूजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ गठिया को गंभीर बना सकते हैं। जंक फूड, तला-भुना, प्रोसेस्ड स्नैक्स, ज्यादा नमक, कोल्ड ड्रिंक, रेड मीट और अत्यधिक चाय–कॉफी का सेवन गठिया के मरीजों के लिए हानिकारक साबित होता है।

    दवाओं और थेरेपी में लापरवाही — दर्द को हल्के में लेकर घरेलू दर्दनिवारक दवाओं पर निर्भर रहना गठिया को बढ़ा देता है। बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेनकिलर लेने से पेट, लिवर और किडनी पर नुकसान के साथ जोड़ों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस समस्या से जूझ रहे लोगों को नियमित डॉक्टर परामर्श और निर्धारित उपचार जारी रखना चाहिए।

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