जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, अस्पतालों और फिजियोथेरेपी क्लीनिकों में जोड़ों की जकड़न, मांसपेशियों के दर्द और खिंचाव की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे दर्द और अकड़न की समस्या आम हो जाती है। हालांकि सही देखभाल और कुछ जरूरी आदतें अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
सर्दियों में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है
ठंड का सीधा असर मांसपेशियों, जोड़ों और रक्त संचार पर पड़ता है। सर्द मौसम में रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है और जोड़ों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। इसी वजह से अकड़न और जकड़न महसूस होती है।
शरीर खुद को गर्म रखने के लिए मांसपेशियों को सख्त कर लेता है, जो बाद में दर्द और खिंचाव का कारण बनता है। गठिया या पुरानी चोट से जूझ रहे लोगों को यह समस्या ज्यादा परेशान करती है। इसके अलावा ठंड में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और धूप की कमी से विटामिन डी का स्तर घट जाता है, जिससे हड्डियों और जोड़ों की स्थिति और कमजोर हो सकती है।
सर्दियों में जोड़ों के दर्द से कैसे पाएं राहत
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। सुबह हल्का वार्म-अप और रोजाना 5 से 10 मिनट की हल्की एक्सरसाइज दिनभर की जकड़न को कम कर सकती है।
घुटनों, पीठ और गर्दन को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनें। मांसपेशियों को आराम देने और रक्त प्रवाह बेहतर करने के लिए गरम पानी से स्नान या गर्म सेक फायदेमंद रहता है। लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें और हर 30-40 मिनट में हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें।
टहलना, योग और हल्की स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज जोड़ों के लिए लाभकारी हैं। साथ ही पर्याप्त पानी पीना और धूप में कुछ समय बिताना भी जरूरी है, ताकि शरीर में विटामिन डी की कमी न हो।
कब डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें
अगर जोड़ों का दर्द और जकड़न रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करने लगे, सुबह उठने पर घंटों तक अकड़न बनी रहे या चलने-फिरने में परेशानी हो, तो फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। जोड़ों में सूजन, गर्माहट, लालिमा या लगातार कमजोरी महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों की जकड़न को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही व्यायाम, नियमित स्ट्रेचिंग और थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर पूरे मौसम जोड़ों के दर्द और अकड़न से काफी हद तक बचा जा सकता है।
