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    September 27, 2025

    दिल की बीमारी को लेकर फैले गलतफहमियां, जानें कैसे रखें अपने हृदय को स्वस्थ

    हृदय रोग अब केवल बड़ी उम्र के लोगों की समस्या नहीं रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक और हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं, जो सेहत के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

    हाल के सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 5-9 साल के लगभग एक तिहाई बच्चों में हाई ट्राइग्लिसराइड्स पाए गए हैं, जो भविष्य में गंभीर हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकते हैं।

    हृदय रोग: उम्र से ज्यादा असर जीवनशैली का

    अधिकतर लोग मानते हैं कि हार्ट डिजीज सिर्फ 50 साल के बाद होती है। लेकिन खराब खानपान, जंक फूड, मोटापा और तनाव के कारण आजकल युवाओं और बच्चों में भी हृदय रोग बढ़ रहा है।

    जामा जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सात साल तक के बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर भविष्य में हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ा सकता है। इसका मतलब है कि हृदय स्वास्थ्य के लिए कम उम्र से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

    हृदय रोग से जुड़े आम मिथ्स

    मिथ 1: रोज़ एक्सरसाइज करने से मुझे हार्ट रोग का खतरा नहीं
    व्यायाम जरूरी है, लेकिन अकेला उपाय पर्याप्त नहीं। आनुवांशिक खतरे, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और तनाव भी जोखिम बढ़ाते हैं।

    मिथ 2: दिल की बीमारी सिर्फ पुरुषों को होती है
    सच: महिलाएं भी उतनी ही प्रभावित होती हैं। फर्क बस इतना है कि महिलाओं में लक्षण अक्सर अलग और छुपे होते हैं। पुरुषों में सीने में दर्द अधिक दिखाई देता है, जबकि महिलाओं में थकान, चक्कर और मतली आम हैं।

    मिथ 3: हार्ट डिजीज का मतलब केवल सीने में दर्द होना
    सच: हार्ट अटैक के लक्षण सिर्फ सीने में दर्द तक सीमित नहीं हैं। सांस फूलना, पसीना आना, चक्कर, जबड़े या पीठ में दर्द भी संकेत हो सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों में तो बिना दर्द के भी हार्ट अटैक हो सकता है।

    1. हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी टिप्स
    2. नियमित व्यायाम करें, लेकिन इसे अकेला सुरक्षा उपाय न मानें।
    3. संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं।
    4. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
    5. तनाव कम करने के लिए योग या मेडिटेशन करें।
    6. बच्चों और युवाओं की भी समय-समय पर जांच कराएं।

    निष्कर्ष:
    हृदय रोग सिर्फ उम्र से जुड़ी समस्या नहीं है। सही जानकारी, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर जांच हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

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