सर्दियों का मौसम भले ही बड़ों को सुहावना और रोमांटिक लगे, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह मौसम कई तरह की परेशानियां लेकर आता है। ठंड में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे वे जल्दी खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं। खासकर नवजात और छोटे बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक होती है, जिस पर सर्द हवाओं का नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
अक्सर माता-पिता बच्चों को ठंड से बचाने के लिए या तो जरूरत से ज्यादा सावधानी बरतते हुए उन्हें नहलाते ही नहीं, या फिर सफाई के चक्कर में गलत तरीके से नहला देते हैं। जबकि सच यह है कि सर्दियों में बच्चों को नहलाना चाहिए, लेकिन सही तरीके और सही समय पर। अगर नहलाने का तरीका ठीक हो तो न बच्चे को सर्दी लगेगी और न ही स्वच्छता से समझौता होगा।
सर्दियों में बच्चों को नहलाने के लिए समय का सही चुनाव बेहद जरूरी है। सुबह बहुत जल्दी या देर शाम नहलाने से बचें। दोपहर 11 से 2 बजे के बीच का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब तापमान अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है। नहलाने के लिए पानी न तो ठंडा होना चाहिए और न ही बहुत गर्म। हल्का गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें और पहले अपनी कलाई पर पानी का तापमान जरूर जांच लें, क्योंकि बहुत गर्म पानी बच्चे की त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन सकता है।
ठंड के मौसम में नवजात और छोटे बच्चों को रोज नहलाना जरूरी नहीं होता। दो से तीन दिन में एक बार नहलाना पर्याप्त है, जबकि बाकी दिनों में स्पॉन्ज बाथ दिया जा सकता है। नहलाने का समय भी ज्यादा लंबा नहीं होना चाहिए। 10 मिनट से ज्यादा देर तक नहलाने से बच्चे को ठंड लगने का खतरा बढ़ जाता है।
नहलाते समय हल्के और माइल्ड बेबी सोप या क्लेंज़र का ही इस्तेमाल करें। ज्यादा केमिकल या तेज खुशबू वाले साबुन बच्चों की त्वचा को रूखा बना सकते हैं। नहलाने के तुरंत बाद, पांच मिनट के भीतर बच्चे की त्वचा पर नारियल तेल, बादाम तेल या बेबी लोशन लगाएं, ताकि त्वचा की नमी बनी रहे।
हर बार नहलाते समय बच्चे का सिर धोना भी जरूरी नहीं है। हफ्ते में एक-दो बार सिर और बाल धोना काफी होता है। बाल धोने के बाद सिर को अच्छी तरह सुखाना बेहद जरूरी है। इसके अलावा बच्चे को ऐसी जगह नहलाएं, जहां ठंड कम हो। नहलाने से पहले तौलिया और कपड़े हल्के गरम कर लेना भी फायदेमंद रहता है।
कुल मिलाकर, सर्दियों में बच्चों की नहाने की आदत में संतुलन बेहद जरूरी है। न ज्यादा लापरवाही और न ही जरूरत से ज्यादा डर—सही तरीका अपनाकर आप अपने बच्चे को ठंड से भी बचा सकते हैं और उसकी साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रख सकते हैं।
