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    December 24, 2025

    असम में हाथियों की मौत के बाद रेलवे एक्शन में, ट्रैक पर तैनात होंगे ‘एआई पहरेदार’

    असम में राजधानी एक्सप्रेस हादसे के बाद भारतीय रेलवे अलर्ट मोड में आ गया है। ट्रैक पर वन्यजीवों की लगातार हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे अब तकनीक के सहारे सुरक्षा इंतजाम मजबूत कर रहा है। हाथी, शेर और बाघ जैसे बड़े जानवरों की मौजूदगी पहले ही पहचानने के लिए रेलवे ट्रैक पर एआई आधारित सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि समय रहते ट्रेन को रोका जा सके और जानवरों के साथ-साथ यात्रियों की जान बचाई जा सके।

    राजधानी एक्सप्रेस हादसे से मचा था हड़कंप

    कुछ दिन पहले असम के होजाई जिले में सैरांग–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हो गई थी। हादसा उस समय हुआ, जब हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन का इंजन और पांच कोच पटरी से उतर गए। एक हाथी गंभीर रूप से घायल हुआ, जबकि बाकी की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, ट्रेन में सवार यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

    AI आधारित इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम

    रेलवे के मुताबिक, ट्रैक पर लगाया जा रहा एआई आधारित इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम डिस्ट्रिब्यूटेड एकॉस्टिक सिस्टम (DAS) तकनीक पर काम करता है। यह सिस्टम ट्रैक के आसपास होने वाली हलचल और कंपन को पकड़कर पहले ही संकेत दे देता है कि कोई बड़ा जानवर नजदीक आ रहा है।

    नॉर्थ ईस्ट में पायलट प्रोजेक्ट, देशभर में विस्तार

    फिलहाल यह तकनीक नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे के 141 किलोमीटर लंबे ट्रैक सेक्शन पर लगाई गई है, जहां हाथियों से टकराने की घटनाएं ज्यादा होती रही हैं। शुरुआती नतीजे सकारात्मक मिलने के बाद रेलवे ने इसे देशभर में लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 981 किलोमीटर नए ट्रैक पर सिस्टम लगाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं।

    लोको पायलट और कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट

    इस एआई सिस्टम की खासियत यह है कि ट्रैक के पास हाथियों या अन्य बड़े जानवरों की गतिविधि होते ही लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। ट्रेन चालक को करीब आधा किलोमीटर पहले चेतावनी मिल जाती है, जिससे समय रहते ट्रेन की रफ्तार कम की जा सकती है या उसे रोका जा सकता है।

    रेलवे का कहना है कि यह तकनीक वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। असम हादसे के बाद रेलवे ने साफ कर दिया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।

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