भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सबरीमाला मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे आस्था के साथ गंभीर विश्वासघात बताते हुए कहा कि यह मामला केवल सोने की चोरी तक सीमित नहीं है। चंद्रशेखर ने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
‘यह सोने की चोरी से कहीं बड़ा अपराध’
राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि एक अयप्पा भक्त के रूप में इन घटनाओं से उन्हें गहरा दुख और पीड़ा हुई है। उन्होंने दावा किया कि नई जानकारियों से सामने आया है कि सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर में लूट सिर्फ रिपोर्ट किए गए 4.5 किलो सोने तक सीमित नहीं थी।
चार पंचधातु मूर्तियों की तस्करी का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार द्वारा नियुक्त देवस्वोम बोर्ड के कार्यकाल में सबरीमाला से चार पंचधातु की मूर्तियां निकालकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को बेच दिया गया। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया।
यूडीएफ और एलडीएफ दोनों पर लगाए आरोप
चंद्रशेखर ने कहा कि वर्ष 2015 में यूडीएफ शासन के दौरान बदली गई पवित्र ‘पठिनट्टम पड़ी’ (18 सीढ़ियां) के कुछ हिस्सों के साथ भी बाद में छेड़छाड़ की गई और उन्हें लूट लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक बड़ी राजनीतिक साजिश है, जो कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ शासन में शुरू हुई और सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ शासन में पूरी हुई।
सीबीआई जांच की दोहराई मांग
भाजपा नेता ने कहा कि केवल विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर आरोप लगाया कि वे इस गंभीर मामले को मामूली गलती बताकर कम आंकने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह भगवान अयप्पा और देश-विदेश में बसे लाखों भक्तों के विश्वास के साथ धोखा है। अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा तब तक पीछे नहीं हटेगी, जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ जाती।
एसआईटी कर रही जांच
गौरतलब है कि सबरीमाला मंदिर में सोने के गायब होने का मामला फिलहाल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच के दायरे में है। इस मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड से जुड़े दो पूर्व अध्यक्षों सहित कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
