भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर बनी पीसी घोष आयोग की रिपोर्ट को 'कचरा' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा मिलकर तेलंगाना की इस जीवनरेखा परियोजना को हमेशा के लिए बंद करने की साजिश कर रही है।
'विधानसभा में दबाई गई विपक्ष की आवाज'
राव ने गन शहीद स्मारक में बीआरएस के विधायकों के साथ पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष की आवाज को दबा दिया गया। उन्होंने कहा, हमारे सदस्यों को बोलने नहीं दिया गया। यहां तक हरीश राव ने जायज मुद्दे उठाए तो मुख्यमंत्री और मंत्री चिल्लाकर उन्हें चुप करा रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष ऐसे पेश आ रहे ते जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
'कालेश्वरम परियोजना लाखों किसानों के लिए वरदान'
केटीआर ने कहा कि कालेश्वरम परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई योजना है। यह एक इंजीनियरिंग का चमत्कार है और लाखों किसानों के लिए वरदान है। उन्होंने चेतावनी दी, हम इस परियोजना को बर्बाद करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे। जरूरत पड़ी तो हम जनता के बीच जाकर आंदोलन करेंगे।
'कांग्रेस ने जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए आंकड़े'
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने भ्रष्टाचार की झूठी कहानी बनाने के लिए जानबूझकर आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। उन्होंने कहा, मेड़ीगड्डा बैराज की मरम्मत में केवल 350 करोड़ रुपये लगने वाले हैं, लेकिन सरकार इसे एक लाख करोड़ का नुकसान बता रही है। यहां तक कि रेवंत रेड्डी के अपने रिश्तेदार भी पूछ रहे हैं कि 94,000 करोड़ कब एक लाख करोड़ हो गए?
'पीसी घोष रिपोर्ट नहीं, कचरा रिपोर्ट'
केटीआर ने आरोप लगाया कि यह रिपोर्ट 'जांच आयोग अधिनियम' का उल्लंघन करती है और इसका मकसद केवल केसीआर और बीआरएस को बदनाम करना है। उन्होंने कहा, यह घोष रिपोर्ट नहीं, कचरा रिपोर्ट है। कांग्रेस में ईमानदारी नहीं, सिर्फ साजिशें हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों मिलकर तेलंगाना की प्रगति को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, किसी भी राज्य में एनडीएमए हर छोटी घटना की जांच नहीं करता, लेकिन तेलंगाना में छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाकर पेश किया जा रहा है। यह पूरी तरह से राजनीतिक साजिश है।
