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    December 19, 2025

    मजीठिया की अंतरिम राहत पर ब्रेक, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी जमानत, अब 19 जनवरी का इंतजार

    आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने की मंजूरी दी है, लेकिन अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 19 जनवरी तय की है।

    मजीठिया ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हाई कोर्ट ने 4 दिसंबर को दिए अपने आदेश में कहा था कि मजीठिया के जेल से बाहर आने पर जांच प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा था कि मजीठिया एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति हैं और गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं।

    सुनवाई के दौरान मजीठिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस. मुरलीधर ने दलील दी कि मजीठिया को पहले एनडीपीएस (ड्रग्स) मामले में जमानत मिल चुकी है और सुप्रीम कोर्ट ने उस जमानत को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की याचिका भी खारिज कर दी थी। उन्होंने कहा कि जिस लेन-देन की जांच ड्रग्स केस में की गई थी, उसी आधार पर अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नया मामला दर्ज करना गलत है।

    पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया को 25 जून को गिरफ्तार किया था। उन पर करीब 540 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह मामला वर्ष 2021 के ड्रग्स केस से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम कर रही थी।

    हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि मजीठिया पंजाब के बड़े राजनीतिक नेता हैं और सात साल से अधिक समय तक मंत्री रह चुके हैं। जांच एजेंसी ने करीब 20 अहम गवाहों को संवेदनशील बताया है। कोर्ट के अनुसार, इस स्तर पर जमानत दिए जाने से सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है।

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