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    December 17, 2025

    मणिकराव कोकाटे केस में बड़ा मोड़, 19 दिसंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई

    महाराष्ट्र के खेल मंत्री और एनसीपी नेता माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नासिक की एक सत्र अदालत ने 1995 के धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाई गई दो साल की जेल की सजा को बरकरार रखते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।

    इस फैसले के खिलाफ माणिकराव कोकाटे ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। उनके वकील अनिकेत निकम ने जस्टिस आर. एन. लड्ढा की सिंगल बेंच के समक्ष याचिका का उल्लेख करते हुए त्वरित सुनवाई की मांग की, जिस पर कोर्ट ने मामले को शुक्रवार, 19 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। हालांकि, बुधवार को सजा पर रोक लगाने की मांग नहीं की गई, इसलिए इस संबंध में कोई आदेश पारित नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह शुक्रवार को सजा निलंबन की याचिका पर विचार करेगा।

    नासिक सत्र अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कोकाटे एक समृद्ध किसान होने के बावजूद खुद को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का बताकर राज्य सरकार को गुमराह किया और मुख्यमंत्री कोटे से गरीबों के लिए आरक्षित फ्लैट हासिल किया। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सजा को बरकरार रखा।

    गौरतलब है कि इस साल 20 फरवरी को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने माणिकराव कोकाटे और उनके भाई विजय कोकाटे को फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी कोटे से फ्लैट हासिल करने का दोषी ठहराया था और दोनों को दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। अब नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय ने उस फैसले को सही ठहराया है।

    करीब 30 साल पुराने इस मामले में आरोप है कि नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में स्थित मुख्यमंत्री कोटे के तहत निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित फ्लैट को कोकाटे ने झूठे हलफनामे देकर हासिल किया, जबकि उस समय पात्रता की अधिकतम वार्षिक आय सीमा 30 हजार रुपये थी। इस मामले में उनके भाई विजय कोकाटे की भूमिका भी सामने आई थी।

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