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    December 16, 2025

    मेसी मामले में स्टेडियम CEO हटाए गए, 22 मिनट रुकने के बाद लौटे थे फुटबॉलर

    लियोनल मेसी के कार्यक्रम के दौरान साल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्था और तोड़फोड़ के मामले में पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 13 दिसंबर को हुए इस घटनाक्रम के बाद अरूप बिस्वास ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे मंगलवार को स्वीकार कर लिया गया। नए खेल मंत्री की नियुक्ति तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं खेल विभाग का प्रभार संभालेंगी।

    TMC सांसद कुनाल घोष ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अरूप बिस्वास ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें खेल मंत्री के दायित्व से मुक्त करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस्तीफे की कॉपी भी साझा की थी, हालांकि वह आधिकारिक लेटरहेड पर नहीं थी।

    साल्ट लेक स्टेडियम (VYBK) में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सख्त रुख अपनाया है। बिधाननगर पुलिस कमिश्नर, डीजीपी और खेल विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिन्हा को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय SIT का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके अलावा साल्ट लेक स्टेडियम के CEO डी.के. नंदन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई हैं।

    दरअसल, अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी 3 दिन के भारत दौरे पर थे। वे 13 दिसंबर की रात करीब 2:30 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे। सुबह 11 बजे उन्होंने कोलकाता में अपने 70 फीट ऊंचे स्टैच्यू का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके बाद उन्हें साल्ट लेक स्टेडियम में करीब एक घंटे रुकना था, लेकिन वे केवल 22 मिनट बाद ही वहां से निकल गए।

    मेसी के जल्दी चले जाने से नाराज फैंस ने स्टेडियम में कुर्सियां फेंककर तोड़फोड़ शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और करीब 2 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी।

    ADG लॉ एंड ऑर्डर जावेद शमीम ने बताया कि इस मामले में मुख्य आयोजक सताद्रू दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आयोजकों ने टिकट का पैसा लौटाने का आश्वासन दिया है। वहीं, भारतीय फुटबॉल महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यह उनका आधिकारिक इवेंट नहीं था।

    घटना के बाद राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने भी इस आयोजन की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह कदम तब उठाया गया, जब कई फैंस ने शिकायत की कि टिकटों की कीमत बहुत ज्यादा होने के कारण वे अपने पसंदीदा खिलाड़ी को देख भी नहीं पाए।

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