पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में शारदा नदी का कहर जारी है। गांव हजारा और शास्त्रीनगर के हालात जस के तस बने हुए हैं। गांव हजारा से 25 और गांव बैल्हा से पांच परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। हजारा और शास्त्रीनगर की आबादी में जलभराव बना रहा। मंगलवार शाम चार बजे शारदा में फिर दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज किया गया। पानी आधी रात को क्षेत्र में पहुंचने पर बाढ़ की आशंका पर फिर लोगों में हड़कंप मच गया।
तेजी से हो रहा कटान
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान की रफ्तार भी तेज हो गई है। कटान इतना प्रबल है कि कलीनगर तहसील क्षेत्र में स्पर संख्या 27 का आगे का हिस्सा ढह गया। इस हिस्से को जाली में पत्थर बिछाकर मजबूती दी गई थी, लेकिन तेज बहाव ने इसे भी तोड़ दिया। वहीं स्पर संख्या 26, 27 और 28 के बीच लगातार कटान जारी है।
मंगलवार को वनबसा बैराज से शारदा नदी में सुबह नौ बजे 1.71 लाख, 10 बजे 1.65 लाख, 11 बजे 1.66 लाख, दो बजे 1.90 लाख, तीन बजे 1.88 लाख और शाम चार बजे दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज हुआ। सोमवार शाम से मंगलवार तक गांव हजारा और शास्त्रीनगर में बाढ़ में फंसे तीस परिवारों को रेस्क्यू कर निकाला गया। हजारा से निकाले गए लोगों को गांव टिब्बा में ऊंचे स्थानों पर रखा गया है।
रिश्तेदारों के यहां गए प्रभावित परिवार
शास्त्रीनगर से रेस्क्यू किए गए पांच परिवार अपने रिश्तेदारों के घरों में चले गए। गांव हजारा और शास्त्रीनगर के बाढ़ पीड़ितों को सोमवार शाम को तो खाना नहीं पहुंच सका। मगर मंगलवार को नाव से पूडी, सब्जी के पैकेट पहुंचाए गए। बाढ़ खंड के एसडीओ, जेई ने चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू के साथ गांव हजारा के समीप तटबंध का निरीक्षण किया।
गांव राहुलनगर में जलभराव की सूचना पर तहसीलदार आशीष गुप्ता ने गांव राहुलनगर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा चल रहा है। मगर गांव राहुलनगर में बाढ़ के हालात नहीं है। शारदा नदी पार टीम के साथ कैंप कर रहे नायब तहसीलदार अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि गांव हजारा की 40 और गांव शास्त्रीनगर की 15-20 प्रतिशत आबादी में जलभराव है। दोनों गांव को जोड़ने वाली सड़क के कटने से नाव से दोनों गांवों में मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को खाना के पैकेट भिजवाए गए है।
