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    December 22, 2025

    सबरीमाला सोना चोरी मामले में SIT जांच पर कांग्रेस का हमला

    केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना चोरी मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि जांच स्वतंत्र नहीं है और राज्य के गृह विभाग के दखल के चलते सच्चाई सामने आने में देरी हो रही है।

    कोच्चि में मीडिया से बातचीत करते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि SIT अब तक इस मामले के असली दोषियों तक पहुंचने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की दिशा और गति दोनों ही संदेह के घेरे में हैं। सनी जोसेफ ने दावा किया कि खुद केरल हाईकोर्ट ने भी जांच की रफ्तार और गंभीरता पर चिंता जताई है।

    सनी जोसेफ ने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणियों से यह संकेत मिलता है कि इस मामले में कुछ बड़े और प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं, जिन तक अभी तक जांच एजेंसी नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने इसे संगठित साजिश बताते हुए कहा कि अगर जांच पर दबाव रहेगा तो सच्चाई सामने आना मुश्किल हो जाएगा।

    कांग्रेस ने चोरी हुए सोने की बरामदगी को बेहद अहम बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर सबरीमाला से गायब सोना कहां गया। सनी जोसेफ ने कहा कि यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

    गृह विभाग पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से यह कहती आ रही है कि SIT की जांच संतोषजनक नहीं है और जांच एजेंसी गृह विभाग के प्रभाव में काम कर रही है। हालांकि, सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल अदालत में है और इस पर फैसला कोर्ट को ही करना है।

    गौरतलब है कि सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर से जुड़े इस सोना चोरी मामले में SIT अब तक कई गिरफ्तारियां कर चुकी है, जिनमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं। हाल ही में जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि स्मार्ट क्रिएशंस के पंकज भंडारी और बल्लारी के जौहरी गोवर्धन रोड्डम की इस साजिश में भूमिका सामने आई है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि जब तक इस मामले में बड़े और प्रभावशाली नाम उजागर नहीं होते, तब तक जांच अधूरी मानी जाएगी।

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