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    August 31, 2025

    धर्मस्थल मामले में बोले सिद्धारमैया: SIT को पूरी छूट, NIA की जरूरत नहीं

    कर्नाटक में धर्मस्थल पर कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के मामले में जांच तेज हो गई है। ऐसे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि धर्मस्थल में बीते 20 वर्षों में कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के गंभीर आरोपों की जांच के लिए एनआईए की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।

    भाजपा और जेडीएस पर लगाए गंभीर आरोप
    सीएम सिद्धारमैया ने आगे कर्नाटक में विपक्षी दल जेडीएस और भाजप पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष (जेडीएस और भाजपा) इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। दोनों दल धर्मस्थल में अलग-अलग रैलियां कर रहे हैं और सरकार की आलोचना कर रहे हैं। लेकिन धर्मस्थल के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने खुद एसआईटी जांच का स्वागत किया है।

    सच्चाई सामने आनी चाहिए- सिद्धारमैया
    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। अगर जांच न हो, तो शक की तलवार हमेशा लटकी रहेगी। हमने एसआईटी इसीलिए बनाई है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और कई संगठनों ने एसआईटी की मांग की थी।

    क्या है पूरा मामला, समझिए
    बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत सीएन चिन्नैया नामक शख्स के आरोपों से हुई, जिसे बाद में झूठे आरोप (झूठी गवाही) के मामले में गिरफ्तार किया गया। उसने दावा किया था कि पिछले 20 वर्षों में धर्मस्थल के जंगलों में कई शव, जिनमें कुछ महिलाओं के भी थे, दफनाए गए हैं। मामले में एसआईटी ने चिन्नैया द्वारा बताए गए स्थानों पर खुदाई की, जहां दो जगहों पर हड्डियों के अवशेष मिले हैं। अब जांच चल रही है और रिपोर्ट का इंतजार है।

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