तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता विजय ने मंगलवार को पुडुचेरी के उप्पलम एक्सपो ग्राउंड (न्यू पोर्ट) में विशाल रैली की। रैली के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब तमिलनाडु के एक व्यक्ति ने बंदूक के साथ प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।
आरोपी ने दावा किया कि उसके पास लाइसेंसी रिवॉल्वर है और वह एक निजी सुरक्षा अधिकारी है, लेकिन समय पर अपनी टीम के साथ शामिल नहीं हो सका। पत्रकारों द्वारा यह पूछने पर कि वह किसे सुरक्षा दे रहा था, उसने कोई जवाब नहीं दिया।
भीड़ ने बैरिकेड फांदा, सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव
रैली में सिर्फ 5,000 लोगों को अनुमति थी, लेकिन इससे कई गुना अधिक लोग पहुंच गए। बड़ी संख्या में युवक–युवतियां और महिलाएं बैरिकेड फांदकर अंदर घुस गईं। लोग विजय की एक झलक पाने के लिए पास के पेड़ों पर भी चढ़ गए।
सुरक्षा कर्मियों को भीड़ काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
यह रैली 27 सितंबर को करूर में हुई भगदड़ के बाद आयोजित पहली बड़ी जनसभा थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी। करूर त्रासदी के बाद तमिलनाडु सरकार ने विजय को नई रैलियों की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
विजय ने केंद्र और DMK सरकार पर साधा निशाना
विजय ने रैली में कहा कि केंद्र सरकार के लिए तमिलनाडु और पुडुचेरी अलग-अलग हैं, लेकिन TVK के लिए दोनों एक हैं।
विजय ने कहा, “केंद्र ने पुडुचेरी के विकास में साथ नहीं दिया। विधानसभा कई सालों में राज्य का दर्जा देने के 16 प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन केंद्र ने कोई ध्यान नहीं दिया।”
उन्होंने DMK सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा, “DMK सरकार पुडुचेरी की निष्पक्ष सरकार से कुछ सीख ले तो अच्छा होगा… लेकिन 2026 चुनाव से पहले यह सीख उन्हें जरूर मिलेगी।”
पुडुचेरी पुलिस ने 6 शर्तों के साथ दी थी इजाजत
पुलिस ने रैली के लिए कड़े प्रावधान किए थे:
- अधिकतम 5,000 लोगों को अनुमति
- सिर्फ QR कोड पास पर एंट्री
- विजय को 10 से 12 बजे के बीच वैन से भाषण देने की इजाजत
- रोड शो पर प्रतिबंध
- भीड़ नियंत्रित रखने के लिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को न आने की अपील
- तमिलनाडु के लोगों को रैली से दूर रहने की सलाह
करूर हादसे के बाद रैलियां थीं स्थगित
27 सितंबर की करूर रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद TVK ने तमाम बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम और रैलियां अनिश्चितकाल के लिए रोक दी थीं।
