• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    September 07, 2025

    पहली सरकारों में बिकती थीं नौकरियां, वोटबैंक के हिसाब से होती थीं भर्तियां...

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछड़ी सरकारों में नौकरी के नाम पर युवाओं से रुपये लिए जाते थे। तभी वे चेहरा उठाकर बात नहीं कर पाते थे और इस तरह के आयोजन भी नहीं होता था। लेकिन 8 वर्ष में यूपी में सरकारी व निजी क्षेत्र में नौकरियों की बौछार है। वह रविवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 1510 अनुदेशकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुएकहा कि 8 वर्ष पहले वे नियुक्ति पत्र वितरण के ऐसे इवेंट नहीं कर पाते थे। पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती थी, क्योंकि हर प्रक्रिया में कोई न कोई ऐसा व्यवधान होता था, जिस पर न्यायालय द्वारा रोक लगा दी जाती थी। शिक्षक, पुलिस, अनुदेशक की भर्ती हो या किसी अन्य विभाग की इतने रुपये लिए जाते थे कि वे किसी अभ्यर्थी से आंख मिलाकर बात नहीं कर पाते थे। क्योंकि जब व्यक्ति बेईमानी और भ्रष्टाचार का सहारा लेता है तो उसका नैतिक पतन हो जाता है।

    2017 के पहले सरकार में बैठे लोगों की वजह से यूपी का नौजवान हताश और निराश था। जब नौजवान हताश और निराश होगा तो अर्थव्यवस्था नीचे गिरेगी ही। यूपी में पिछले साढ़े 8 वर्ष के दौरान साढ़े 8 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई गई। हर महीने किसी न किसी आयोग-बोर्ड के माध्यम से नियुक्ति हो रही है। जो सख्ती की गई, उसका परिणाम है कि निष्पक्ष भर्ती के तहत चयनित युवाओं ने भी ईमानदारी के साथ सरकार का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ यूपी को दिया। अब यूपी बीमारू राज्य के लेवल को उखाड़कर भारत के विकास के ग्रोथ इंजन के रूप में सफलता प्राप्त की है। पहले युवाओं को पहचान का संकट था। कहीं कमरा नहीं मिलता था। अब स्थिति यह है कि राज्य 8 वर्ष के अंदर नंबर-2 की अर्थव्यवस्था बनने में सफलता हासिल की है।

    यूपी में अब नौकरियों की बौछार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित अनुदेशकों को सिफारिश की नौबत नहीं आई होगी, जिसने तैयारी की, उसका चयन हुआ। दंगामुक्त, गुंडागर्दी, माफिया मुक्त की अवधारणा ने यूपी में बड़े-बडे निवेश को आमंत्रित किया है। 8 वर्ष में 60 लाख से अधिक ऐसे लोगों को नौकरी मिली। इसमें 14 लाख ऐसे नौजवान हैं, जिन्होंने यूपी कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण लिया। उन्होंने कहा कि चयनित अनुदेशकों से यह अपेक्षा है कि वे आईटीआई में जाएं तो ईमानदारी के साथ छात्रों को गाइड करें। टाइमपास करने से तत्काल अपने मन को संतुष्ट कर लेंगे, लेकिन समय कभी माफ नहीं करता है। ईमानदारी से किया गया प्रयास परिणाम अवश्य लेकर आता है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories