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    December 20, 2025

    योगी आदित्यनाथ लेखपाल भर्ती परीक्षा में आरक्षण विसंगतियों पर सख्त, राजस्व परिषद को चेतावनी

    राजस्व लेखपाल भर्ती विज्ञापन में सामने आई आरक्षण संबंधी विसंगतियों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद को चेतावनी जारी की गई है। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भर्तियों में आरक्षण प्रावधानों के पालन में किसी भी तरह की त्रुटि, लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजस्व परिषद ने श्रेणीवार रिक्तियों की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। परिषद अब कार्यरत और रिक्त पदों के आंकड़ों का पुनः सत्यापन कर रही है, ताकि संशोधित अधियाचन पूरी तरह नियमसम्मत और त्रुटिरहित हो। संशोधित प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजने की तैयारी की जा रही है।

    सीएम योगी ने कहा है कि सरकारी भर्तियों में लंबवत और क्षैतिज दोनों तरह के आरक्षण प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। यह न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी विभागों को दो टूक चेतावनी दी कि आरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2025 को राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों के लिए जारी विज्ञापन के बाद जनपदों से भेजे गए श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों में असंगतियां सामने आई थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    वहीं, इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग के संविधान प्रदत्त 27 प्रतिशत आरक्षण में हेरफेर कर रही है। उन्होंने कहा कि लेखपाल भर्ती में आरक्षण के पदों की सही गणना नहीं की गई और यह सीधे तौर पर युवाओं के अधिकारों का हनन है।

    प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। युवाओं के भविष्य से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा।

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