भारत–पाक सीमा से सटे राजस्थान के बाड़मेर जिले में नशे का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। यहां एक पुलिसकर्मी के भाई ने घर से करीब एक किलोमीटर दूर लकड़ी के कारखाने की आड़ में एमडी (मेथामफेटामिन) ड्रग बनाने की फैक्ट्री स्थापित की थी। पुलिस कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री में करीब 80 करोड़ रुपये की एमडी तैयार हो चुकी थी, जबकि 50 करोड़ रुपये की और ड्रग तैयार करने की क्षमता वाला कच्चा माल भी मौके पर मिला है।
पुलिस के अनुसार, पूरी फैक्ट्री का सेटअप महज दो दिन पहले यानी 15 दिसंबर को किया गया था। तस्करों की योजना थी कि तैयार माल की जल्द सप्लाई की जाए, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने 18 दिसंबर की रात दबिश देकर कार्रवाई कर दी।
पड़ोसी के घर से होती थी निगरानी
मामले का मास्टरमाइंड मोटाराम पुलिस से बचने के लिए खुद अपने घर में न रहकर पड़ोसी के मकान में रहता था, जबकि उसका चचेरा भाई भैराराम फैक्ट्री की निगरानी कर रहा था। पूछताछ में सामने आया कि लोगों को शक न हो, इसके लिए फैक्ट्री को लकड़ी के कारखाने और दवाइयां बनाने का काम बताया जाता था।
40 किलो तैयार एमडी और महंगे वाहन जब्त
बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह ने बताया कि फैक्ट्री से करीब 39 किलो 777 ग्राम एमडी बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 80 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 99 किलो से अधिक लिक्विड केमिकल जब्त किया गया है, जिससे करीब 50 करोड़ रुपये की एमडी तैयार की जा सकती थी। पुलिस ने सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली दो लग्जरी स्कॉर्पियो और एक किया कार भी जब्त की है।
स्कूल के पास चल रही थी फैक्ट्री
एसपी के अनुसार, फैक्ट्री एक स्कूल के सामने स्थित मकान में चलाई जा रही थी। आरोपी मोटाराम बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाने का आबकारी एक्ट में 5 हजार रुपये का इनामी और श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में एनडीपीएस एक्ट में 10 हजार रुपये का इनामी वांटेड है।
कई आरोपी फरार, तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान भैराराम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मोटाराम समेत दिनेश और एक अन्य फौजी फरार हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। मौके से बड़ी मात्रा में केमिकल, मशीनें, फ्रीजर, भट्टियां और ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाला पूरा सेटअप जब्त किया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा क्षेत्र में सक्रिय नशे के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और मामले की गहन जांच जारी है।
