• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    December 12, 2025

    एक महीने से नहीं हुआ संपर्क, परिवार में बढ़ी बेचैनी; युवक का मोबाइल भी स्विच ऑफ

    तीनों बच्चों और अपना ध्यान रखना…
    इतना कहकर गोकुल सिंह ने अपनी पत्नी से रोते हुए फोन काट दिया। उसके बाद से फोन नहीं लगा। अब एक महीने से कोई संपर्क नहीं हुआ है। राजस्थान के ब्यावर जिले के बियांखेड़ा काबरा गांव का 36 वर्षीय गोकुल सिंह यूक्रेन में लापता है, और परिवार उसकी सलामती की दुआ करते हुए सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है।

    पूरा परिवार चिंतित, मां की हालत बिगड़ी
    गोकुल की मां हंजी देवी (64) बताती हैं कि बेटा लंबे समय से विदेश जाकर कमाने की इच्छा रखता था। पहले सऊदी अरब गया था, लेकिन वीजा खत्म होने पर जल्दी लौटना पड़ा और आर्थिक नुकसान भी हुआ। घर बनाने के बाद उस पर कर्ज बढ़ गया, जिसे चुकाने के लिए वह दोबारा विदेश गया। बेटे के लापता होने की खबर से मां की तबीयत भी बिगड़ गई है।

    एजेंट के बहकावे में आकर पहुंचा यूक्रेन
    परिजनों के अनुसार, हरियाणा के एक एजेंट ने गोकुल को 13 सितंबर 2025 को रूस भेजा। कहा गया कि टाइल्स फैक्ट्री में काम मिलेगा। लेकिन बाद में एक अन्य एजेंट ने उसे रूस भाषा में लिखे दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करवाकर यूक्रेन भेज दिया।
    एजेंट ने 11 महीने में 50 लाख रुपये, एक बंगला और जमीन देने का लालच दिया था। गोकुल समेत 60–65 भारतीय वहां पहुंचे थे, जिनमें 25–30 लोग किसी तरह लौट आए। बाकी लोग अब भी फंसे हुए हैं। दो युवकों की मौत की सूचना भी परिजनों को मिली है।

    पत्नी के साथ अंतिम बातचीत 8 नवंबर को हुई
    गोकुल ने आखिरी बार पत्नी शांता देवी (33) से 8 नवंबर को बात की थी। उसी दौरान उसने कहा—
    “तीनों बच्चों को दिखा दो… और अपना ध्यान रखना।”
    इसके बाद वह रो पड़ा और फोन कट गया। दोबारा फोन लगाने पर मोबाइल स्विच ऑफ मिला और तब से अब तक कोई संपर्क नहीं हो सका।

    कर्ज चुकाने का था इरादा, परिवार इंतज़ार में
    पत्नी शांता देवी के अनुसार, आर्थिक तंगी से परेशान होकर गोकुल विदेश गया था। गांव के दोस्त से वह अपनी दिक्कतें साझा करता था और बेहतर कमाई की आशा में बाहर जाने की कोशिश कर रहा था।

    परिवार को बाद में पता चला कि सिक्योरिटी जॉब के नाम पर भेजे गए गोकुल को रूस-यूक्रेन सीमा पर रूसी सेना में शामिल कर दिया गया। उसने वर्दी पहने और हथियार लिए हुए अपनी तस्वीरें परिवार को भेजीं, जिन्हें देखकर घरवाले घबरा उठे।

    गोकुल की पत्नी, तीनों बच्चे, मां और दिव्यांग भाई उसकी सकुशल वापसी का इंतज़ार कर रहे हैं। परिजन भारत सरकार से अपील कर रहे हैं कि गोकुल का पता लगाया जाए और उसे सुरक्षित वापस लाया जाए।

    Tags :
    Share :

    Top Stories