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    November 22, 2025

    मानसिक तनाव झेल रही छात्रा पर स्कूल में उत्पीड़न का आरोप, जिम्मेदारी पर सवाल खड़े

    जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 9 साल की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में सीबीएसई जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमायरा पिछले डेढ़ साल से अपनी ही क्लास के कुछ बच्चों द्वारा बुलिंग का शिकार हो रही थी। उसके साथ अभद्र इशारे किए गए और क्लास में उसके बारे में गलत बातें फैलाकर उसे शर्मिंदा किया जाता था।

    अमायरा की मां ने 2 मई 2024 और फिर 25 जुलाई 2024 को स्कूल प्रशासन और क्लास टीचर से लिखित रूप में शिकायत की थी। 25 जुलाई को एक बच्चे द्वारा अमायरा को स्कूल में मारने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद बच्ची रोते हुए घर लौटी थी। उसके परिजनों ने जांच कमेटी को उसका ऑडियो सबमिट किया, जिसमें वह कह रही थी — “मम्मा, मैं स्कूल नहीं जाना चाहती, सब लोग मुझे परेशान करते हैं… मुझे दूसरे स्कूल में एडमिशन दिला दो।”

    रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2025 में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के दौरान भी शिकायत की गई, लेकिन क्लास टीचर ने कार्रवाई करने के बजाय अमायरा को ही “दूसरे बच्चों के साथ एडजस्ट करने” की सलाह दी।

    सबसे गंभीर घटनाओं में से एक 10 अक्टूबर की मानी जा रही है, जब क्लास में एक बच्चे ने उसके बारे में गलत बात फैलाई। इसके बाद कुछ विद्यार्थियों ने स्लेट पर आपत्तिजनक चीजें लिखीं और अमायरा का मजाक उड़ाया। वह 45 मिनट के अंदर पांच बार टीचर के पास गई, लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।

    सीबीएसई की सरप्राइज इंस्पेक्शन टीम ने 3 नवंबर को स्कूल पहुंचकर जांच की। रिपोर्ट में सुरक्षा कमियों, कमजोर मॉनिटरिंग और राष्ट्रीय गाइडलाइंस के उल्लंघन को गंभीर माना गया है। जांच के आधार पर सीबीएसई ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

    मामले को लेकर शनिवार को अमायरा के माता-पिता और अभिभावक संघ ने शहीद स्मारक पर मौन धरना देकर न्याय की मांग की।

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