कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने पान मसाला विज्ञापन से जुड़े मामले में बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan के हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सलमान खान 20 जनवरी को सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हों।
यह आदेश भाजपा नेता और एडवोकेट इंद्रमोहन सिंह हनी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिकाकर्ता ने सलमान खान की ओर से कोर्ट में पेश किए गए वकालतनामे और जवाब पर किए गए हस्ताक्षरों को लेकर आपत्ति जताई थी और उनकी फोरेंसिक जांच की मांग की थी।
FSL से होगी हस्ताक्षरों की जांच
कोर्ट ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 38(9)(घ) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 73(2) के तहत राज्य की अधिकृत एजेंसी या फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) से हस्ताक्षरों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने वकालतनामे और जवाब को नोटरी करने वाले एडवोकेट आरसी चौबे को भी सलमान खान के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता का दावा – हस्ताक्षर मेल नहीं खाते
शिकायतकर्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने कहा कि कोर्ट में पेश दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर सलमान खान के नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि ये हस्ताक्षर जोधपुर जेल और वहां की अदालत में किए गए सलमान खान के पुराने हस्ताक्षरों से अलग हैं। इसी आधार पर उन्होंने FSL जांच और सलमान खान की व्यक्तिगत पेशी की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
पान मसाला विज्ञापन को लेकर है पूरा मामला
एडवोकेट इंद्रमोहन सिंह हनी ने सलमान खान और राजश्री पान मसाला कंपनी के खिलाफ कोटा कंज्यूमर कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में ‘केसर युक्त इलायची’ के नाम पर भ्रामक विज्ञापन करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया कि 5 रुपए के पाउच में केसर होना संभव नहीं है, जिससे आम जनता खासकर युवा वर्ग भ्रमित हो रहा है और स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है।
सलमान खान ने आरोपों को बताया निराधार
27 नवंबर को सलमान खान की ओर से कोर्ट में जवाब पेश किया गया था, जिसमें शिकायत को गलत तथ्यों और सबूतों पर आधारित बताया गया। जवाब में कहा गया कि विज्ञापन केसर युक्त पान मसाला का नहीं, बल्कि सिल्वर कोटेड इलायची का है। 9 दिसंबर को दाखिल जवाब में सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा गया कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर सलमान खान के ही हैं और शिकायतकर्ता अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहा है।
फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा और हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
