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    November 26, 2025

    स्कूलों के बाहर अफरा-तफरी का माहौल, अभिभावकों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की

    उदयपुर में स्कूली वाहनों और ऑटो चालकों की हड़ताल का व्यापक असर बुधवार को शहर में साफ दिखाई दिया। हड़ताल के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने के लिए अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कई छात्रों ने वाहन उपलब्ध नहीं होने पर स्कूल अवकाश करना ही बेहतर समझा। हड़ताल कितने दिन चलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना तय माना जा रहा है।

    कुछ दिनों से स्कूली ऑटो और वैन चालकों पर की जा रही चालानी कार्रवाई से वाहन चालकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही थी। इसी विरोध के चलते शहर की विभिन्न ऑटो यूनियनों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। मंगलवार शाम सुखाड़िया सर्कल पर मेवाड़ ऑटो यूनियन, इंडियन ऑटो रिक्शा चालक श्रमिक यूनियन, लेक सिटी ऑटो यूनियन, एकता ऑटो चालक यूनियन, उदयपुर ऑटो टैक्सी यूनियन और उदयपुर बाल वाहिनी संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक हुई।

    बैठक में आरोप लगाया गया कि प्रशासन स्कूली वैन और ऑटो चालकों के चालान इसलिए काट रहा है ताकि केवल बाल वाहिनियों को ही स्कूल बच्चों को लाने-ले जाने की अनुमति मिले। वहीं ऑटो और वैन चालकों का कहना है कि वे कई वर्षों से यह सेवा दे रहे हैं और अचानक चालान की कार्रवाई उनके रोज़गार पर संकट खड़ा कर रही है।

    चालकों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्कूली वाहनों के साथ “न्याय” नहीं होता और उन्हें उचित श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। इसके चलते बुधवार से शहर के लगभग सभी स्कूलों में ऑटो और वैन सेवाएं ठप रहीं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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