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    December 19, 2025

    सीमा सुरक्षा को मिलेगी धार, बॉर्डर एरिया में अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों की तैनाती

    भारतीय सेना ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करते हुए दुनिया के सबसे घातक अटैक हेलिकॉप्टरों में शामिल AH-64E अपाचे को राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर तैनात कर दिया है। ये अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर एक साथ 256 लक्ष्यों को ट्रैक करने और उनमें से 16 को प्राथमिकता देने की क्षमता रखते हैं। इनकी तैनाती से पाकिस्तान सीमा पर निगरानी के साथ-साथ भारत की रक्षा और आक्रामक क्षमताएं और सशक्त होंगी।

    हाल ही में जैसलमेर क्षेत्र में हुए सैन्य अभ्यास ‘त्रिशूल’ और ‘मरु ज्वाला’ में अपाचे हेलिकॉप्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह पहला मौका था जब भारतीय थल सेना के अपाचे हेलिकॉप्टरों ने किसी बड़े सैन्य अभ्यास में भाग लिया। अभ्यास के दौरान इन हेलिकॉप्टरों ने तय किए गए लक्ष्यों पर सटीक हमले कर अपनी मारक क्षमता का सफल प्रदर्शन किया।

    जून 2025 में अमेरिका से प्राप्त अपाचे हेलिकॉप्टरों की पहली खेप की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और अब ये पूरी तरह ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए तैयार हैं। राजस्थान में स्क्वाड्रन की तैनाती को देखते हुए अपाचे हेलिकॉप्टरों का रंग रेगिस्तानी इलाकों के अनुकूल रेत जैसा रखा गया है, जिससे वे आसानी से छिप सकें।

    AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर हेलफायर मिसाइल, 70 मिमी रॉकेट और 30 मिमी चेन गन से लैस होते हैं। इनमें लगा एडवांस्ड एएन/एपीजी-78 लॉन्गबो रडार सिस्टम रात और खराब मौसम में भी निगरानी और हमला करने में सक्षम है।

    रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जोधपुर एयरबेस से अपाचे हेलिकॉप्टर बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी सीमा पर संभावित टैंक युद्ध की स्थिति में ये हेलिकॉप्टर दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही, थल सेना को अब अटैक हेलिकॉप्टरों के लिए पूरी तरह वायुसेना पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे ग्राउंड फोर्स और हवाई समर्थन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।

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