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    September 02, 2025

    दौसा में भारी बारिश से नालावास बांध ढहा, लाखों की फसल बर्बाद; किसानों को बड़ा झटका

    राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान सर्वाधिक 177 मिमी बारिश दौसा जिले में दर्ज की गई। इस तेज बरसात का सबसे बड़ा असर लालसोट क्षेत्र के नालावास बांध पर पड़ा। ग्रामीणों की मेहनत और करीब 50 लाख रुपये की लागत से बना यह कच्चा बांध सोमवार रात मूसलाधार बारिश का दबाव नहीं झेल पाया और टूट गया। लाखों लीटर पानी बह जाने से किसानों की उम्मीदें चकनाचूर हो गईं।

    जन सहयोग से बनाया था कच्चा बांध
    ग्रामीणों ने जल संकट और गिरते भूजल स्तर से राहत पाने के लिए अपने स्तर पर जन सहयोग से यह बांध तैयार किया था। इसकी लंबाई करीब 250 फीट और ऊंचाई लगभग 35 फीट थी। बांध के पूरी तरह भर जाने के बाद किसानों को भरोसा था कि अब आसपास के गांवों में जलस्तर सुधरेगा और पानी की समस्या से निजात मिलेगी। लेकिन तेज बारिश और झिलमिली बांध के ओवरफ्लो होने से नालावास बांध पर दबाव लगातार बढ़ता गया और सोमवार देर रात यह टूट गया।

    झिलमिली और रानोली बांध से बढ़ा दबाव
    जानकारी के अनुसार, झिलमिली बांध में लगातार पानी की चादर चलने के कारण रानोली बांध पूरी तरह भर गया था। यह अतिरिक्त पानी नालावास के कच्चे बांध में पहुंचा। इसके बाद रात को हुई जोरदार बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी। पानी की तेज आवक से बांध की पाल दबाव सह नहीं सकी और टूटकर बह गई। बांध का पानी बहकर सुमेल गांव के पक्के बांध तक पहुंचा और वहां से ओवरफ्लो होकर मोरेल नदी में चला गया।

    किसानों के सपनों पर भारी बारिश का प्रहार
    ग्रामीणों का कहना है कि नालावास बांध केवल पानी का स्रोत नहीं था बल्कि उनकी मेहनत और सपनों का प्रतीक था। इस बांध से एक दर्जन गांवों में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी। किसानों को विश्वास था कि यह कच्चा बांध उनके खेतों और भविष्य को संवार देगा। लेकिन तेज बारिश और बांध के टूटने से उनकी सारी उम्मीदें मिट्टी में मिल गईं।

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