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    January 01, 2026

    दिग्गज नेता नाथूराम मिर्धा के बेटे भानुप्रकाश मिर्धा का निधन, जोधपुर में होगा अंतिम संस्कार

    दिग्गज किसान नेता स्वर्गीय नाथूराम मिर्धा के पुत्र और नागौर के पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। भानुप्रकाश मिर्धा के निधन से राजनीतिक जगत और किसान समाज में शोक की लहर फैल गई है। उनका अंतिम संस्कार 2 जनवरी को दोपहर 1 बजे जोधपुर में किया जाएगा।

    लंबे समय से थे अस्वस्थ

    परिजनों के अनुसार, भानुप्रकाश मिर्धा ने गुरुवार सुबह करीब 10:45 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही नागौर सहित पूरे प्रदेश में शोक व्यक्त किया जा रहा है।

    चाचा को हराकर नागौर में खिलाया था ‘कमल’

    भानुप्रकाश मिर्धा का जन्म 27 मार्च 1953 को हुआ था। वे 11वीं लोकसभा के सदस्य रहे। वर्ष 1996 में नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद नागौर लोकसभा सीट खाली हुई थी। इसके बाद 1997 के उपचुनाव में भानुप्रकाश मिर्धा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ा और अपने ही चाचा, कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा को हराकर नागौर में पहली बार ‘कमल’ खिलाया था। यह जीत उस समय प्रदेश की राजनीति में बड़ी घटना मानी गई थी।

    किसान और ग्रामीण मुद्दों से जुड़ा रहा राजनीतिक सफर

    नागौर निवासी भानुप्रकाश मिर्धा लंबे समय तक किसान और ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे। बाद के वर्षों में वे सक्रिय राजनीति से कुछ दूरी बनाए हुए थे, लेकिन क्षेत्र में उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बना रहा।

    परिवार और सामाजिक संबंध

    भानुप्रकाश मिर्धा का श्रीगंगानगर के प्रतिष्ठित सहारण परिवार से भी गहरा नाता था। वे समाजसेवी व किसान नेता कृष्ण सहारण ‘मदेरां’, महेंद्र सहारण और साहबराम सहारण के बहनोई थे। उनके परिवार में पत्नी इंद्रा मिर्धा, पुत्र मनीष मिर्धा और भास्कर मिर्धा, तथा दो पौत्रियां दिविजा और हिरण्या हैं।

    उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने गहरा दुख जताया है।

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