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    December 26, 2025

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बना नई जंग का मैदान, पैसा भी झोंका जा रहा, टैलेंट भी छीना जा रहा

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ में टिके रहना अब कंपनियों के लिए बेहद महंगा सौदा बनता जा रहा है। इस रेस में आगे बने रहने के लिए भारी-भरकम निवेश की जरूरत पड़ रही है। Microsoft AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने कहा है कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में AI फ्रंटियर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनियों को सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं।

    एआई कंपनियों पर बढ़ा रहा आर्थिक बोझ

    एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मुस्तफा सुलेमान ने बताया कि AI की लागत केवल सर्वर या हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। इसमें विशाल डेटा सेंटर्स, हाई-एंड AI चिप्स, उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेशलाइज्ड AI टैलेंट की भारी कीमत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि AI रिसर्चर्स और टेक्निकल स्टाफ को दी जा रही मोटी सैलरी भी कंपनियों के खर्च को तेजी से बढ़ा रही है।

    बड़ी कंपनियों को मिल रही बढ़त

    सुलेमान के मुताबिक, इतनी बड़ी पूंजी की जरूरत बड़े और स्थापित टेक दिग्गजों को साफ बढ़त देती है। उन्होंने कहा कि AI की लड़ाई सिर्फ मशीनों की नहीं, बल्कि बेहतरीन इंसानी दिमागों की भी है, जहां टैलेंट को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है।

    Microsoft को बताया ‘मॉडर्न कंस्ट्रक्शन कंपनी’

    Microsoft की तुलना करते हुए सुलेमान ने कंपनी को एक आधुनिक कंस्ट्रक्शन कंपनी बताया, जहां बड़े पैमाने पर गीगावॉट स्तर के CPU और AI एक्सेलेरेटर्स विकसित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस स्तर पर काम करना केवल बड़ी कंपनियों के लिए ही संभव है, जिससे उन्हें स्ट्रक्चरल एडवांटेज मिलता है।

    सुपरइंटेलिजेंस पर फोकस

    मुस्तफा सुलेमान ने कहा कि उनका लक्ष्य Microsoft को फ्रंटियर AI मॉडल्स के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना और एक वर्ल्ड-क्लास सुपरइंटेलिजेंस टीम तैयार करना है। उन्होंने जोर दिया कि कंपनी न केवल सबसे शक्तिशाली, बल्कि सबसे सुरक्षित और इंसानी हितों के अनुरूप ‘ह्यूमनिस्ट सुपरइंटेलिजेंस’ विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

    एआई टैलेंट को लेकर जंग तेज

    AI की इस रेस में Microsoft अकेली नहीं है। Meta, Google और OpenAI जैसी दिग्गज कंपनियां भी आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की दौड़ में अरबों डॉलर झोंक रही हैं। हाल ही में Mark Zuckerberg ने AI सुपरइंटेलिजेंस लैब्स के लिए आक्रामक हायरिंग की है, जिसमें Scale AI के को-फाउंडर अलेक्जेंडर वांग को करीब 14 अरब डॉलर के सौदे के तहत शामिल किया गया।

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