आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया भर में नौकरियों को प्रभावित कर रहा है। एआई के आने से काम करने के तरीके बदल रहे हैं, जिसके चलते आने वाले समय में कई तरह की नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर काम मशीनों के कब्जे में नहीं जाएगा। कुछ ऐसे पेशे होंगे जो एआई की पहुंच से कोसों दूर रहेंगे। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस बात से पर्दा उठाया है।
ऑल्टमैन ने The Tucker Carlson Show पर कहा कि आने वाले वर्षों में कस्टमर सपोर्ट जैसे काम तेजी से AI से रिप्लेस हो जाएंगे। उनके मुताबिक, “फोन या कंप्यूटर पर होने वाले ज्यादातर कस्टमर सपोर्ट जॉब्स खत्म हो जाएंगे और यह काम AI बेहतर तरीके से करेगा।”
इन नौकरियों पर ज्यादा खतरा
ऑल्टमैन का मानना है कि AI इंसानों की तुलना में तेज, लगातार और सटीक जवाब दे सकता है। पहले से ही लाखों सवालों के जवाब AI चैटबॉट्स और वर्चुअल असिस्टेंट दे रहे हैं। ऐसे में कस्टमर सपोर्ट से जुड़ी नौकरियां कम हो जाएंगी। हालांकि, 2025 के एक सर्वे के अनुसार, अभी भी 81% ग्राहक इंसान से बात करना पसंद करते हैं। लेकिन ऑल्टमैन ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे AI और बेहतर होगा, यह संख्या घट सकती है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स पर असमंजस
सबसे दिलचस्प बात सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़ी है। ऑल्टमैन ने बताया कि AI इतना एडवांस हो गया है कि अब कोई भी नॉन-एक्सपर्ट साधारण प्रॉम्प्ट से वेबसाइट या एप बना सकता है। लेकिन विडंबना यह है कि कभी-कभी AI की मौजूदगी अनुभवी डेवलपर्स की प्रोडक्टिविटी को धीमा भी कर सकती है। उन्होंने कहा, “अभी सॉफ्टवेयर की मांग बहुत ज्यादा है। लेकिन अगले 5-10 वर्षों में यह कैसा दिखेगा, मैं सुनिश्चित नहीं हूं कि ज्यादा नौकरियां होंगी या कम?”
इन नौकरियों पर नहीं होगा असर
ऑल्टमैन ने कहा कि कस्टमर सर्विस से जुड़ी नौकरियां प्रभावित होंगी, लेकिन नर्सिंग और इंसानी जुड़ाव वाले पेशे जैसे साइकेटरिस्ट या फिजियोथेरपिस्ट, AI से दूर रहेंगे। ऑल्टमैन ने कहा, “भले ही AI या रोबोट सही सलाह दें, लेकिन मरीज इंसान से देखभाल पाना ही चाहेंगे।”
DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस ने भी Wired को दिए इंटरव्यू में यही कहा था कि AI डॉक्टरों की मदद कर सकता है, लेकिन नर्सों की जगह नहीं ले सकता। वहीं, AI के ‘गॉडफादर’ कहे जाने वाले जॉफ्री हिंटन ने सुझाव दिए हैं कि लोग ऐसी नौकरियों की ट्रेनिंग लें जिनमें इंसानी हाथ और अनुभव अहम हो, जैसे प्लंबिंग।
बदलाव से भागना नहीं, अपनाना होगा
ऑल्टमैन का साफ संदेश है कि AI से लड़ाई नहीं, बल्कि इंसानों को अपनी क्रिएटिविटी, जजमेंट और करुणा जैसे गुणों पर ध्यान देना होगा। उनका मानना है कि इतिहास में भी हर 75 साल में 50% नौकरियों में बदलाव आया है, इस बार भी बदलाव अचानक होगा, लेकिन असंभव नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सबसे सुरक्षित नौकरियां वही होंगी, जिनमें इंसानी सलाह, सहानुभूति और समस्या हल करने की क्षमता की जरूरत होगी। जैसे कि मरीज की देखभाल करना, असली दुनिया की समस्याओं का समाधान करना या गहराई से सोचने वाली भूमिकाएं सुरक्षित रहेंगी।
