• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    December 05, 2025

    निजी जानकारी जोखिम में, संदिग्ध वेबसाइट मोबाइल नंबर से ट्रैक कर रही लोकेशन

    एक ओर जहां सरकार मोबाइल नंबर से होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए ‘संचार साथी’ जैसे ऐप लॉन्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट पर एक ऐसी वेबसाइट चर्चा में है जो सिर्फ फोन नंबर डालते ही किसी भी भारतीय नागरिक की लाइव लोकेशन और निजी जानकारी दिखा रही है। यह गंभीर डेटा सुरक्षा खतरे की ओर संकेत करता है।

    फोन नंबर डालते ही दिखा रही थी निजी जानकारी

    कुछ दिनों पहले भारत में ProxyEarth नाम की एक वेबसाइट लाइव हुई, जो दावा किया जा रहा है कि लोगों के फोन नंबर से उनका नाम, पिता का नाम, घर का पता, ईमेल आईडी, दूसरे फोन नंबर और यहां तक कि लाइव लोकेशन तक दिखा रही थी।
    इस तरह का ओपन डेटा एक्सेस देश के टेलीकॉम डेटा सुरक्षा ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेबसाइट वह जानकारी दिखा रही थी जो SIM लेते समय Airtel, Jio या Vodafone जैसी कंपनियों के पास जमा होती है। कुछ मामलों में साइट मोबाइल टावर की मदद से डिवाइस का लोकेशन भी दिखा रही थी।
    हालांकि कई यूजर्स ने चेक किया तो लोकेशन सही नहीं निकली, लेकिन इतनी निजी जानकारी का खुला प्रदर्शन चिंताजनक है।

    वेबसाइट बनाने वाला शख्स आया सामने

    ProxyEarth बनाने वाले शख्स राकेश ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि वह कोई गैरकानूनी काम नहीं कर रहा। उसके अनुसार, वह सिर्फ वही डेटा दिखाता है जो “पहले से इंटरनेट पर उपलब्ध” है।
    उसने स्वीकार किया कि उसके कई अन्य वेबसाइट भी हैं, जिनमें से कुछ पर पाइरेटेड कंटेंट मिलता है। उसका कहना है कि साइट बनाने का मकसद सिर्फ ट्रैफिक लाना और अपने डिजिटल प्रोडक्ट्स का प्रमोशन करना है।

    बढ़ सकता है डेटा चोरी और फ्रॉड का खतरा

    साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह संवेदनशील डेटा खुले में उपलब्ध होने से

    • आइडेंटिटी थेफ्ट
    • बैंकिंग फ्रॉड
    • फिशिंग अटैक
    • स्टॉकिंग
    • साइबर ब्लैकमेल

    जैसे अपराधों में तेजी आ सकती है।
    यह घटना दिखाती है कि भारत में टेलीकॉम डेटा की सुरक्षा कितनी कमजोर है और नागरिकों की निजी जानकारी किस तरह जोखिम में है।

    अब तक नहीं हुई किसी एजेंसी की कार्रवाई

    ProxyEarth करीब एक सप्ताह से सक्रिय है और अभी भी एक्सेस की जा सकती है।
    रिपोर्ट्स के मुताबिक साइट बनाने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया और विभिन्न वेब प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है।
    अब तक न तो इस वेबसाइट को हटाया गया है और न ही किसी सरकारी एजेंसी द्वारा आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने आया है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories